पांच महीनों के अल्पकाल में ही प्रदेश सरकार के गृह व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाः राशि।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा कांग्रेस सरकार के कार्यों पर प्रश्न चिन्ह व सुशासन व मजबूत सरकार प्रदेश के लोगो को देने का झांसा देकर सत्ता में आए महज 5 महीनों के उपरांत ही बलौदाबाजार की हिंसक व आगजनी की घटना ने शासन के गृह व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया।

उक्त घटना पर शासन का स्वयं को बचाने लीपा पोती का प्रयास आज पर्यंत भी अनवरत जारी है। उक्त बातें प्रेस विज्ञप्ति में महासमुंद नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमति राशि त्रिभुवन महिलांग ने कहा है। श्रीमति महिलांग ने आगे कहा कि प्रदेश के बड़ी संख्या में निवासरत सतनामी समाज जो अनु, जाति वर्ग की श्रेणी में समाहित है उनके पवित्र व पूजनीय वस्तुओं को खंडित किया गया बलौदाबाजार सहित अनेक जिलों में निवासरत समाज के लोगो ने इस घटना पर कार्रवाई की माँग तो शासन की ओर से कार्रवाई के नाम पर केवल कोरा आश्वासन ही मिला। ज्ञापन व कड़ी कार्रवाई की माँग को लेकर बलौदाबाजार कलेक्टर कार्यालय पहुँचे समाज जनों के बीच अनाम उपद्रवी तत्वों ने तोड़फोड़ व आगजनी की घटना को अंजाम दिया। उक्त घटना से सम्पूर्ण समाज के लोग पुलिस कार्रवाई के घेरे में आ जाए व समाज बदनाम हो जाए। उक्त घटना में बिना किसी केंद्रीय एजेंसी के जांच के बिना ज्ञापन देने पहुचे समाज जनों पर पुलिस विद्वेषवंश कार्रवाई कर रही है जो निन्दाजनक है। श्रीमति महिलांग ने आगे कहा कि सरकार उक्त घटना की निष्पक्ष जांच की मंशा है तो केंद्र की जांच एजेंसी से जांच होनी चाहिए जिससे घटना की सत्यता सामने आए। पर राज्य सरकार केवल जिले के अधिकारियों को हटाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है, जो बेहद निन्दाजनक है।