दीपावली में पटाखे की कीमत ने चौकाया

राजिम :-  इस बार दीपावली पर्व पर पटाखे की कीमत में लोगों को चौंका दिया है जिसके चलते छोटे वर्ग के लोग गिनती के पटाखे लेकर ही त्योहार माना रहे हैं। उल्लेखनीय है कि शहर में पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी पटाखे दुकान मेला ग्राउंड पर सजे हुए हैं इस बार दुकानों की संख्या पिछले वर्ष की अपेक्षा ज्यादा दिखाई दिए। इन दुकानों से के पास जैसे ही गाड़ी खड़ा किया उसके बाद तो ग्राहकों को बुलाने के लिए अलग से दुकानदारों ने आदमी तैनात करके रखे हैं। वह अपनी ओर आकर्षित करते हैं जो बहुत से लोगों को अच्छा नहीं लगता। वहां उपस्थित लोगों ने कहा कि हमको जिसके पास खरीदना है हम खुद चले जाएंगे और वैसे भी पटाखे ही खरीदने के लिए आए हैं इस तरह से बुलाना अच्छा नहीं लगता। लेकिन जैसे ही पटाखे चयन होने के बाद बिल की नौबत आती है तब बिल को देखकर ग्राहकों के होश उड़ रहे हैं। पटाखे खरीद रहे विक्रम, मानसिंह, रोहित, दीनदयाल ने बताया कि इस बार पटाखे की कीमत डबल रख रहा है कुछ ही आइटम खरीदे हैं और बिल 1160 रुपए का बन गया। हम तो ₹600 लेकर आए थे। लेकिन यहां तो कीमत खूब बढ़ी हुई है। संतोष, तुलाराम, मोहन, भागवत ने बताया कि कीमत ज्यादा होने के कारण पटाखे कम लिए हैं लेकिन बच्चे ज्यादा पटाखे की मांग कर रहे थे उन्हें समझा कर एडजस्ट करने के लिए कहा है। इन लोगों ने बताया कि हजार से काम में फटाका आ ही नहीं रहे हैं इससे पटाखे फोड़ने वालों की जेबें ढीली हो गई है। बताना जरूरी है कि यहां पर शासन प्रशासन या दुकानदारों के द्वारा पटाखे की कीमत पर कोई रेट लिस्ट नहीं टंगी हुई है। दुकान के संचालक अपनी मनमर्जी के हिसाब से कीमत लगा रहे हैं जिससे आम उपभोक्ता परेशान दिखे। इस बार दीपावली में तरह-तरह के पटाखे आए हुए हैं टिकली, तमंचा, गेसबत्ती, ताजमहल, बम फटाका, चुचुटिया, चरखी इत्यादि तरह-तरह के ग्रीन पटाखे दिखे। बताना होगा कि ज्यादा पटाखा फोड़ने से पर्यावरण को नुकसान होता है जिसका ध्यान रखा जाना बहुत जरूरी है वैसे पर्यावरण को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है इसलिए काम फटाका फोड़े और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भूमिका का निर्वहन करने की बात यहां के प्रतिष्ठित लोगों ने की है।