तीज़ के पर्व मे कडु भात की विशेषता।

राजिम :- छत्तीसगढ़ में इस तीज का विशेष महत्व है। आज के दिन महिलाएं पति की लम्बी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत की ख़ास बात ये है कि इसके लिए महिलाएं मायके जाती हैं और व्रत रखने से पहले कडू भात खाती हैं। कडू भात यानी करेले की सब्जी और भात।
कडू भात खाने की परम्परा :-  इस परम्परा के बारे में बताते हैं कि तीजा का व्रत निर्जला रखा जाता है। करेला खाने से शरीर मे पानी की कमी नहीं होती है जिससे  प्यास नहीं लगती। इससे व्रत के दौरान निराहार रहने के बावजूद शरीर में एनर्जी बनी रहती है। वे बताते हैं कि अब कडू भात खाना परंपरा का हिस्सा बन गया है और व्रत से पहले इसे खाना जरूरी माना जाता है।