स्कूल भवन के निर्माण में अनियमितता की शिकायत।

बिपल्ब

पखांजुर:- शासन की महत्वकांक्षी योजना के तहत निर्माण पोटा- केविन इन दिनों भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ रहा है। कच्चें भवनों के निर्माण में में भारी अनियमितताएं बरती जा रही है। साथ ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है । भवन, निर्माण में उपयोग सामग्री घटिया स्तर की है, इससे भविष्य में बच्चों के लिए घातक साबित हो सकता है।बता दें कि सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में पक्के भवनों की जगह स्कूलों को कच्चे भवनों का निर्माण करने का फैसला लिया है। इन कच्चे भवनों को पोटो केबिन के नाम से जाना जाता है। साथ ही छात्र-छात्राओं की अच्छी शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है। मगर पखांजूर क्षेत्र के तेकामेटा में बन रहे पोटा-केविन निर्माण में ठेकेदार और उपयंत्री मिलकर जम के भ्रष्टाचार,कर रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू से नियम विरुद्ध किया जा रहा हैं। पोटा- केविन निर्माण के दौरान ठेकेदार पहाड़ी बोल्डर को नीव में डालकर बना रहे है। इसमें घटिया क्वालिटी का प्लाई बूड व रेती, लोहे का उपयोग किया जा रहा है। सीमेंट के कार्य करने के बाद उसमें कविरिंग भी नहीं किया जा रहा है। शासकीय प्राथमिक शाला तेकामेटा के शिक्षक खेदूराम साहू ने बताया ठेकेदार गुणवत्ताहीन निर्माण करवा रहे हैं। इसकी जानकारी मैंने समिति को दिया था। मगर उसके बाद भी कार्य सुधार नहीं हुआ। जबकी कार्य अब समाप्त होने लगा है। कार्य संबंधी कोई सुचना बोर्ड भी नहीं लगा। लगभग 21 लाख रुपये की लागत से बन रहे पोटा केविन निर्माण का राशि समिति के खाते में आता हैं। अब तक आठ लाख अरहान हो चुका हैं। कई बार कार्य को सुधरने की बात कही गई, मगर सुधार नहीं गया।