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जिस चाँद को उस चकोर ने
आज तक छू नहीं पाया है|
उसी चाँद को पाने के लिए,
आज हमने कदम बढ़ाया है||
जिस चाँद को चंदा मामा कह,
हमने जीवन भर पुकारा है |
उसी चाँद की गोद में खेलने,
हमने एक कदम बढ़ाया है||
चाँद और सूरज के किस्से,
अब तक किताबों में पढ़ा है|
उसी चाँद पर कदम रख कर,
हमने नया इतिहास गढ़ा है||
धर्म को अद्भुत जोड़ दिया है,
आज वैज्ञानिकों ने विज्ञान से|
आसमां में नया चाँद खिला,
देखो तो अपने हिंदुस्तान से||
भारत माता गर्वित हो उठी,
सचमुच मिशन चंद्रयान से|
गौरव गाथा लिखी जा रही,
वैज्ञानिकों के अनुसंधान से||
रचनाकार:-श्रवण कुमार साहू, “प्रखर”
शिक्षक/साहित्यकार,राजिम,गरियाबंद
(चंद्रयान-3 की,, सफल लैंडिंग के लिए समस्त देशवासियों को मंगलमय शुभकामनाएं
