प्रभात भजन मंडली को 81वर्ष की परंपरा पर मिला वर्ल्ड रिकार्ड l 

कोपरा :- आज से 81 वर्ष पहले सन् 1942 में राष्ट्रीय आंदोलन के समर्थन में कोपरा में प्रभात भजन गाने की परंपरा प्रारंभ हुई। जो आज भी जारी है। कोपरा की 81वर्ष की यह अनूठी परम्परा हमारे देश के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली धरोहर है। इस ऐतिहासिक परंपरा को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष पर यूनिकार्न वर्ल्ड रिकॉर्ड और द आइडियल इंडियन बुक आफ रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कृत डाॅ मुन्नालाल देवदास ने प्रभात भजन मंडली कोपरा को प्रदान किए और विस्तार पूर्वक जानकारी भी दिए। उन्होंने कहा कि 81 वर्ष पहले देश में जब अंग्रेजों का शासन था। तब भारत माँ के सपूतों ने देश की आजादी के लिए आंदोलन चलाये । जिसमें महात्मा गाँधी जी ने देश में शांतिपूर्ण क्रांति के लिए भजन को माध्यम बनाए। गाँधी जी के प्रिय भजन थे –रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम ।’ और’ वैष्णव जन तो तेने कहिए, जे पीर पराई जाने रे। ‘गाँधी जी के इसी आव्हान पर राष्ट्रीय आंदोलन के समर्थन में कोपरा में 1942 से प्रभात भजन गाने की परंपरा प्रारंभ हुई। जो आज भी ग्रामवासियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 4 से 5 बजे तक भजन गाने की परंपरा जारी है। इसके संस्थापक स्व श्री रामा यादव एवं प्रबुद्घ नागरिक गण हैं। इस संदर्भ में हम आपको महत्वपूर्ण जानकारी देना चाहेंगे कि डाॅ देवदास ने प्रभात भजन मंडली के संपूर्ण इतिहास का पुस्तक बनाया है। जिसका शीर्षक है -‘ राष्ट्रीय आंदोलन और प्रभात भजन के 75 साल । ‘ इस पुस्तक का प्रकाशन 2017 में हुआ था, जिसे 2023 में मैजिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं गोल्डन इरा वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इसलिए प्रभात भजन मंडली एवं ग्रामवासियों ने डाॅ देवदास के बहुमुल्य योगदान के लिए शाल श्रीफल आदि से सम्मानित किए। संयोग से आज डाॅ देवदास का जन्मदिन था। इस अवसर पर उन्हें ग्राम पुरोहित उपकार शुक्ला, पूर्व पंचायत इंस्पेक्टर नूतन साहू, डाक्टर दौवाराम चक्रधारी, प्रधान पाठक मोहन लाल यदु,उपाध्यक्ष नंदू तारक, सचिव दिलीप वर्मा, शिक्षक फणेन्द्र कुमार मोदी एवं अन्य शुभचिंतकों द्वारा गिफ्ट दिया गया। इस अवसर पर प्रभात भजन मंडली कोपरा के समस्त पदाधिकारी, सदस्य एवं ग्रामवासी उपस्थित थे। इस सम्मान समारोह का संचालन प्रधान पाठक छबिलाल साहू एवं कृष्ण कुमार यदु ने किया। स्वागत उदबोधन अध्यक्ष चमन सोनी ने और आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष विजय कुमार साहू ने किया।