
राजिम:- आज हर किसी का फेवरेट जंक फूड या चाइनीज फूड बन गया है। फिर चाहे वह बच्चे हों या कोई वयस्क। कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं, जो एक बार में 10-20 मोमोज भी खा लेते हैं। लाल तीखी मिर्ची वाली चटनी के साथ गर्म-गर्म मोमोज को देखते ही मुंह में पानी आ जाता है। जैसा की आप जानते ही हैं कि मोमोज नॉनवेज और वेज दोनों होते हैं। नॉनवेज में चिकन की स्टफिंग की जाती है, तो वेज मोमोज में पत्ता गोभी या अन्य सब्जियों को भी भरकर तैयार किया जाता है। ये दोनों हेल्दी होते हैं, लेकिन अधिक मोमोज खाना कई बार नुकसानदायक भी हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे मोमोज सेहत के लिए हो सकता है अनहेल्दी….
मोमोज खाएंगे अधिक तो होगा कब्ज
जैसा कि मोमोज बनाने के लिए मैदे की जरूरत पड़ती है। मैदे को ही पूड़ी की तरह बेलकर उसमें चिकन या सब्जियों की स्टफिंग की जाती है। मैदे का सेवन पेट के लिए नुकसानदायक होता है। मैदा अधिक खाने से कब्ज हो सकता है। चूंकि मोमोज में फाइबर नहीं होता है, इसलिए पाचन तंत्र का भी नुकसान होता है। गैस, पेट जलन, बदहजमी हो सकती है। चूंकि मैदा जल्दी पचता नहीं है, ऐसे में पेट संबंधित समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है। कोई भी चीज जल्दी नहीं पचेगी तो पेट भारी, फूला हुआ सा लगेगा।
मोमोज खाएंगे हर दिन तो हो जाएगी इम्यूनिटी कमजोर
रोड साइड ठेले पर मिलने वाले मोमोज का सेवन हाइजिन के लिहाज से भी हेल्दी नहीं होता है। डेली मोमोज का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकता है, जिससे आपको कोई ना कई शारीरिक समस्या बनी ही रहेगी। मैदे का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है।
मोमोज बढ़ा सकता है शुगर लेवल
मोमोज बनता है मैदे से और मैदे में ग्लाइसेमिक इंडेक्स की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में आप डेली मोमोज खाते हैं, खासकर के डायबिटीज रोगी, तो उनमें शुगर लेवल हाई हो सकता है। जिन्हें डायबिटीज नहीं है, उनमें भी शुगर लेवल अधिक होने से डायबिटीज होने की संभावना बढ़ सकती है।
वजन बढ़ाए मोमोज
जैसा की मोमोज बनाने के लिए मुख्य सामग्री है मैदा और इसमें स्टार्च अधिक होता है। स्टार्च के सेवन से वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा, मैदा बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी बढ़ाता है।
मोमोज की तीखी लाल चटनी भी है अनहेल्दी
आप जिस लाल तीखी चटनी के साथ मोमोज खाने का लुत्फ उठाते हैं, वो भी सेहत के लिए अनहेल्दी है। चटनी के सेवन से पेट दर्द, गैस, कब्ज आदि हो सकता है। डेली यह तीखी चटनी पेट में जाने लगे, तो पाचन क्रिया कमजोर होने लगेगी।
