
सुरेन्द्र मिनोचा
एमसीबी :- मनेंद्रगढ़ से लगे हुए ग्राम पंचायत भलौर में युवक के द्वारा अपने दो अन्य नाबालिक सहयोगियों के साथ धर्मांतरण करने के लिए लोगों को बरगलाने की जानकारी मिलने के बाद इस मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है।हिन्दू जागरण मंच ने जब धर्मान्तरण के लिए प्रेरित करने वाले युवक की पड़ताल की तो पता चला कि विमल तिर्की नामक युवक एक पुलिस आरक्षक है। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुये हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक आकाश दुआ ने बताया कि लगभग 10दिन पहले ग्राम भलौर में धर्मांतरण किए जाने की जानकारी मिलते ही मैं अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और मैंने देखा कि वहां पर एक युवक जो अपना नाम विमल तिर्की बता रहा था उसने वहां पर ईसाई धर्म से जुड़ी पुस्तकों को लेकर चित्रों के माध्यम से कई सारी प्राकृतिक आपदाओं ,महामारियों ,फसल नष्ट होने व घर में किसी की मृत्यु हो जाने जैसे भय दिखाकर और उससे बचने के लिए उन्हें अपने चैनपुर स्थित चर्च में बुलाकर वहां पर प्रार्थना करने से व वहां पर मिलने वाले रोटी व अंगूर का रस पीने से आपकी सारी परेशानी दुख काष्ट और आपदाएं जो आप पर आने वाली है वह सभी परमेश्वर (ईसा मसीह) है,वह ठीक कर देगा।इस तरीके की तमाम बातें उसके द्वारा कहीं जा रही थी,जब मैंने उसके इस सभी बातों का वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड किया जो सभी जगह वायरल हो गया,तब स्थानीय पुलिस व अधिकारियों ने मुझे बुला कर उक्त फेसबुक पोस्ट को डिलीट करने को कहा और मुझे आश्वासन देते हुए कहा गया कि लिखित में शिकायत दर्ज कराने पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी,मैंने लिखित शिकायत 13 जुलाई को एसपी एमसीबी को दे दी,उसके बाद जब मैंने अपने स्तर पर उस युवक के बारे में छानबीन करने का प्रयास किया तो मैंने पाया कि वह युवक लगातार धर्मांतरण के कार्य में संलग्न है और लगातार आस-पास ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को धर्मांतरण के लिए बरगला रहा है,जब मैंने उसके बारे में और पता किया तब मैंने पाया कि वह युवक पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर पदस्थ है ,उसके बाद सारा मामला साफ है कि अपने विभाग के सिपाही को बचाने के लिए जिले के आला पुलिस के अधिकारियों ने मुझ से फेसबुक पोस्ट को दबाव पूर्वक डिलीट करवाया।अगर उन्हें इस बात की जानकारी थी कि युवक उनके ही विभाग से है, फिर भी किसी भी तरीके की कोई भी कारवाई अब तक नहीं हुई है,मामले की शिकायत को 10 दिन बीतने बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है ,जिस तरह से युवक को पुलिस प्रशासन बचाने का प्रयास जो कर रही है उस की निंदा करता हूं।मेरी स्थानीय पुलिस के अधिकारियों और प्रदेश के आला अधिकारियों से गुजारिश है कि वह आरोपी सिपाही को तत्काल निलंबित करें और पूरे मामले की जांच करें और धर्मांतरण जैसे गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्यवाही की जाए,मेरा यह मानना है की धर्मांतरण करवाने वाला कोई भी हो पर यदि वह पुलिस विभाग से है तो मामला और भी ज्यादा गंभीर हो जाता है फिर हम न्याय की उम्मीद किससे करें।सरगुजा संभाग वनवासी व आदिवासियों का क्षेत्र है लगातार धड़ल्ले से हो रहे धर्मांतरण की हम सब निंदा करते हैं। सूत्रों के अनुसार वही पुलिस द्वारा मामले में आरक्षक को नोटिस जारी किया गया है तथा नोटिस का जवाब आने के पश्चात पुलिस आगे की कार्यवाही करने की बात कह रही है।
