छग सरकार ढिंढोरे की सरकार, डीए एरियर्स और कर्मचारियों का नियमितीकरण खा गई : चंद्रशेखर साहू l 

राजिम :- छग विधानसभा के अनुपूरक बजट सत्र में छग में कार्यरत अनियमित व संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण नहीं होने, नियमित कर्मचारियों के महंगाई भत्ते व मकान भत्ते के एरियर्स राशि देने की घोषणा नहीं करने पर राजिम क्षेत्र के भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू ने प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए इसे ढिंढोरे की सरकार कहा। उन्होंने कहा कि जब से छग प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है यह सरकार वादाखिलाफी का पर्याय बन गई है। पिछले विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में उन्होंने 10 दिनों के भीतर नियमितीकरण करने की बात कही थी लेकिन आज पौने पांच वर्ष होने को है और नियमितीकरण के नाम पर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को ठगने का कार्य किया है। प्रतिवर्ष संविदा कर्मचारियों के वेतन में नियमतः दस प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान है लेकिन भूपेश बघेल की सरकार ने इस पर कभी वृद्धि नहीं की और जब विधानसभा चुनाव आने वाली है तब 27 प्रतिशत की वृद्धि कर रही है, प्रतिवर्ष दस प्रतिशत के अनुसार लगभग 48 प्रतिशत की वेतनवृद्धि संविदा कर्मचारियों का किया जाना था। प्रदेश में जब डॉ रमन सिंह नीत भाजपा की सरकार थी तब सभी नियमित कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता और मकान भत्ता मिलता था जिसे भूपेश बघेल जारी नहीं रख सकी और अब जाकर केंद्र के समान महंगाई भत्ता दे रही है, नियमित कर्मचारियों का साढ़े चार वर्षों के बढ़े हुए महंगाई भत्ते की हजारों करोड़ रुपए की राशि सरकार हजम करके बैठी है। इसी प्रकार मकान भत्ते की दर भी अब जाकर सरकार अपने अंतिम चरण में मात्र 6 प्रतिशत और 9 प्रतिशत बढ़ाई गई है जो कि 9 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र के कर्मचारियों और 18 प्रतिशत बड़े शहरी क्षेत्र के कर्मचारियों का बढ़ाया जाना था इसका भी करोड़ों रुपए की एरियर्स राशि सरकार दबाए बैठी है और मकान भत्ते की राशि में 12 प्रतिशत की बचत कर 2400 करोड़ रुपए बचा रही है जो कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए था। अपने अंतिम अनुपूरक बजट में सरकार अपना ही गाल बजाकर ढिंढोरा पीटने का कार्य कर रही है। यह सरकार धोखे और ढिंढोरे की सरकार है जो वादाखिलाफी का पर्याय बन चुकी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन करने में असमर्थ होने के कारण लाखों गरीबों का आवास छत्तीसगढ़ में नहीं बन पाया उसके अपने हिस्से का पैसा प्रदेश सरकार नहीं दे पाई लेकिन लोगों को ठगने के लिए ग्रामीण आवास न्याय योजना चालू करने का झुनझुना पकड़ा रही है। सरकार की वादाखिलाफी से सभी वर्ग त्रस्त है जिसका परिणाम आने वाले चुनाव में कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा।