बेमेतरा विधानसभा में अवैध कारोबार जोरो पर, कार्रवाई को लेकर किसान नेता एसपी को सौंपेंगे ज्ञापन l 

बेमेतरा :- बेमेतरा जिले में इन दिनों सट्टे का अवैध कारोबार जोर-शोर से चल रहा है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के गली मोहल्लों में खुलेआम शराब की अवैध बिक्री हो रही है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता की पहल पर अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने समाधान सेल का गठन किया गया। समाधान सेल पर मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन कड़ी कार्रवाई के अभाव में अवैध कारोबार करने वाले फिर से सक्रिय हो जा रहे हैं। इस संबंध में किसान नेता योगेश तिवारी ने बताया कि बेरला शहर व समीपस्थ गांव कुसमी में खुलेआम सट्टे का कारोबार चल रहा है रायपुर निवासी एक युवक के द्वारा धड़ल्ले से सट्टा खिलाया जा रहा है। बीते दिनों बेरला पुलिस ने इस खाईवाल को गिरफ्तार किया था, लेकिन कड़ी कार्रवाई के अभाव में संबंधित खाईवाल फिर से कारोबार में सक्रिय हो गया है। किसान नेता के अनुसार अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने बेमेतरा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। कुछ दिनों बंद रहने के बाद, बेमेतरा शहर में सट्टे का कारोबार शुरू, किसान नेता योगेश तिवारी ने बताया कि एक रुपए को अस्सी रुपया बनाने के चक्कर में खासकर युवा वर्ग अधिक बर्बाद हो रहे हैं। बेमेतरा शहर में कुछ दिनों तक कारोबार बंद रहने के बाद फिर से शुरू हो गया है। पुराने खाईवाल सक्रिय हो गए हैं। आलम यह है कि शहर के लगभग हर वार्ड में खाईवाल सक्रिय हैं। जो बेखौफ होकर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे हैं। शहर में रोजाना में लाखों रुपए का सट्टा खेला जा रहा है। इस कारोबार को इलाके के सफेदपोश व रसूखदार लोगो का संरक्षण प्राप्त है। कार्रवाई के नाम पर की जा रही सिर्फ खानापूर्ति, किसान नेता ने बताया कि खाईवालों की सेटिंग इतनी तगड़ी है कि अधिकारियों को दिखाने ये खाईवाल अपने गुर्गों के नाम हर महीने एक-एक प्रकरण बनवा देते हैं। ऊपर बैठे अफसरों को लगता है पुलिस कार्रवाई कर रही है। जबकि वास्तव में यह कार्रवाई सिर्फ दिखावा और खानापूर्ति भर है। शहर के इन स्थानों में सट्टे का अवैध कारोबार, शहर के पालिका बाजार कम्प्लेक्स के पास पान दुकान संचालक, दुर्ग रोड पर टाकीज के पास, नया बस स्टैंड, वार्ड क्रमांक 21, वार्ड क्रमांक 17, बाजार पारा, कचहरी पारा, कुर्मी पारा, मोहभठ्ठा वार्ड, कोबिया वार्ड समेत अन्य वार्डो में करीब दर्जन भर खाईवाल सक्रिय हैं। खाईवालों के चक्रव्यूह में लोग इस कदर फंस चुके हैं की इससे उबर नहींं पा रहे हैं। खाईवालों का अपना-अपना क्षेत्र बंटा हुआ है। एक-दूसरे के क्षेत्र में कोई दखल नहीं देता है।