
गरियाबंद:- जिला कोषालय अधिकारी बी.के. तिवारी ने जिले के समस्त आहरण संवितरण अधिकारियों को ई-पेमेंट से किये जाने वाले भुगतान के संबंध में पत्र प्रेषित कर कहा है कि संचालनालय कोष लेखा एवं पेंशन नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के परिपालन में ई-पेमेंट हेतु ई-बिल सॉफ्टवेयर में देयक तैयार करने के लिए व्यवस्था की गई है, जिसका पालन समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को करना अनिवार्य किया गया है। कोषालय अधिकारी तिवारी ने बताया कि अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के पेंशन, ग्रेज्युटी, सारांशीकरण के ऑनलाईन देयक तैयार करने हेतु ई-बिल मॉड्यूल में फार्म-40 के अंतर्गत प्रावधान किया गया है। इस श्रेणी के अंतिम भुगतान देयकों का ऑनलाईन भुगतान किया जा सकता है। वित्त के तत्समय प्रचलित व्यवस्था ई-भुगतान अथवा अकाउंट पेय चेक से भुगतान संभव नहीं होने की स्थिति में आहरण एवं संवितरण अधिकारी के पदनाम से चेक जारी करने के स्थान पर डीडीओ करंट अकाउंट में राशि का अंतरण 5000 रूपये से अधिक की स्थिति में किया जाना है। इसके लिए प्रपत्र में डीडीओ द्वारा प्रमाण-पत्र अपलोड करने के पश्चात् करंट अकाउंट में 5000 रूपये से अधिक राशि के भुगतान हेतु छूट प्रदाय करने हेतु ई-बिल सॉफ्टवेयर में प्रावधान किया गया है। इसके अलावा शासकीय कार्यालयों के बिजली बिल का भुगतान कोषालय के ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के खाते में जमा करने कराने के लिए सी एस पी. डी. एस. एल के वेबसाईट में जाकर बिल पेमेंट थ्रॉट आरटीजीएस/एनईएफटी को चयन कर एलटी कंज्यूमर को क्लिक कर बी.पी. नम्बर की प्रविष्ठि कर पंजीयन करने के पश्चात् चालान जनरेट होता है, जिसमें बी.पी. को जोड़कर यूनिक खाता नंबर बना रहता है। उसी खाता नंबर से ई-बिल में बेनेफिशरी/वेंडर अकाउंट एन्ट्री कर सीधे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को भुगतान होता है। जिला कोषालय अधिकारी बी.के. तिवारी ने जिले के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारियों से अपील की है कि वे ई-बिल देयक तैयार करते समय दिये निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करेंगे।
