
राजिम :- अंचल में फलों का राजा आम की डिमांड बढ़ी हुई है इन दिनों आचारी आम बाजार में खूब पहुंच रहे हैं। सुबह-सुबह थोक मंडी के दुकानों पर उसके बाद पसरा बाजार पर बिकने के लिए रखी जा रही है। महामाया चौक पसरा बाजार में आम की कलर को देखकर लोग उनके मुरीद हो गए। वैसे भी नए सीजन पर आम की आचार किसे अच्छा नहीं लगता। भोजन में हो या फिर बगैर भोजन के भी उन्हें लोग शौक से खाते हैं। अभी बाजार में पके हुए आम बजे हुए हैं। बता देना जरूरी है कि आज से दो दशक पहले आम के पेड़ बड़ी संख्या में शहर के अलावा आसपास के गांव में थे। खासकर इनके बगीचा भी था लेकिन दिनों दिन कम होते जा रहे हैं पेड़ कट रहे हैं। जिसके कारण भविष्य में और आवक कम होना लाजमी है। वैसे अभी कुछ गांव में आम के बगीचे हैं जहां से यह बिकने के लिए मार्केट में पहुंच रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजिम थोक सब्जी मंडी में विक्रय के लिए 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तक के लोग पहुंचते हैं। देवभोग से लेकर कोंडागांव, जगदलपुर, राजनांदगांव, बेमेतरा, धमतरी, महासमुंद इत्यादि जगहों से लोग क्रय विक्रय करने के लिए इन बाजारों में पहुंचते हैं। इस संबंध में सब्जी खरीदने पहुंचे ओम प्रकाश साहू ने बताया कि आचारी आम ₹ 20 किलो बता रहे हैं। 2 किलो खरीदा हूं इन्हें अचार बनाकर परिवार सहित खाएंगे। आम के अलग-अलग प्रजाति है। मीठा आम बाजार में ₹ 40 किलो बिक रहा है। जानकारी के मुताबिक आम में विटामिन ए और विटामिन सी होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं यह इम्यूनिटी को मजबूत करता है। मौसमी आम की उपलब्धता के चलते हर वर्ग के लोगों को आम खाने का अवसर मिल रहा है।
