
राजिम- राजिम अंचल के ख्याति प्राप्त सतनाम मंगल भजन एवं पंथी गायक तुलेश्वर घृतलहरे (अध्यक्ष- सतनामी समाज परिक्षेत्र राजिम) को राष्ट्रीय वैचारिक संगोष्ठी एवं कला साधक सम्मान से सम्मानित किया गया। तुलेश्वर घृतलहरे ग्राम सेंदर फिंगेश्वर जिला गरियाबंद, का मूल निवासी है, वे लगातार 30 वर्षों से राजिम क्षेत्र में संत गुरु घासीदास जी का सतनाम भजन पंथी गायन के माध्यम से सामाजिक समरसता का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, उनके द्वारा किये गये सामाजिक कार्यों से विकासखंड, जिला एवं राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। दिनांक 18 मई गुरुवार को राष्ट्रीय स्तरीय संगोष्ठी एवं लोक कला साधक सम्मान समारोह का आयोजन भिलाई जिला दुर्ग में आयोजित हुआ जिसमें जिला गरियाबंद से तुलेश्वर घृतलहरे को संस्कार भारती छत्तीसगढ़ प्रांत की ओर से माननीय केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतीक चिन्ह, शाल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किये। उनके इस सम्मान से सतनामी समाज राजिम क्षेत्र में हर्ष का माहौल बना हुआ है समाज के वरिष्ठजन हेमंत सांग गरियाबंद, मुन्ना कुर्रे पूर्व अध्यक्ष,आनंद मतवाले, विष्णु जांगड़े, दुजलाल बंजारे, सुघरमल आड़े, मधुबाला रात्रे, संतोषी, मुकेश ढिढि, ईश्वर रात्रे, भुनेश्वर घृतलहरे, मोहन देशलहरे, प्रकाश बंजारे, सहदेव बंजारे, राकेश, मिलाप बंजारे ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित किए हैं।
