शिक्षा क्रांति के जनक महात्मा ज्योतिबा फुले, सुश्री पार्वती साहू।

रायपुर :- शिक्षा क्रांति के लिए विख्यात सत्यशोधक समाज के संस्थापक महात्मा ज्योतिबा फुले जी जयंती के अवसर पर रायपुर में सुश्री पार्वती साहू पिता गेंद लाल साहू द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन महिलाओं के लिए युवतियों के लिए बेटियों के लिए शिक्षा जागृति के लिए कुरीति उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा है इस अवसर पर बातचीत करते हुए सुश्री पार्वती साहू ने बताया है कि रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों में यह शिक्षा जागृति का कार्यक्रम महात्मा जी के विचारों के आधार पर जन जागरण जागृति समाज में लाने के लिए प्रयत्नशील है जिसमें उन्होंने बताया कि महात्मा जी के मुख्य विचारधारा को आधार बनाया गया है जो कि महात्मा ने स्वयं ही प्रचार किया है सर्वप्रथम उन्होंने शिक्षा के लिए अनिवार्यता बताया महिलाओं को युवतियों को शिक्षित करने पर आपने जोड़ दिया इसीलिए आपको शिक्षा क्रांति के जनक कहा जाता है। जातिगत भेदभाव के कारण किसी के सद्गुणों को दबाया जाना अनुचित बताया बेटियों के बाल विवाह प्रथा पर रोक लगाने के लिए बड़ा संघर्ष किया उन्होंने विवाह की उम्र निर्धारण करने के लिए भी संघर्ष किया ताकि दांपत्य जीवन में एक दूसरे को समझदारी और गृहस्थ जीवन को आगे बढ़ाने की जिम्मेवारी उठाने की परिपक्वता हो सत्य के बिना जीवन अपर्णा होता है, इसीलिए उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना की सभी प्रकार के भेदभाव को आडंबर को मिटाने का प्रयत्न किया कर्मकांड में पंडितों के बिना ही अपने रीति नीति से कर्मकांड कराए जाने पर जोर दिया और उसका पालन की इस तरह महात्मा ज्योतिबा फुले जी के विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।