नगर पालिका परिषद् के परिसर का दुरूपयोग व भ्रष्टाचार।

किरन्दुल /रणवीर सिंह चौहान

किरंदुल :- लोकतंत्र के संवैधानिक स्तम्भों में कार्यपालिका का महत्वपूर्ण योगदान होता है यहाँ जनता के जन्म से लेकर मृत्यु तक का कार्य इन्ही के माध्यम से किया जाता है। स्थानीय होने की वजह से जनता का पूरा भरोसा होता है। वहीँ अगर भ्रष्टाचार का आलम हो जाए तो जनता कहाँ जाए। दक्षिण बस्तर किरंदुल नगर पालिका परिषद् का एक मामला सामने आया है। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने जिला कलेक्टर को अवगत कराते हुए कहा है की स्थानीय नगर पालिका परिषद् के द्वारा नगर पालिका परिसर व परिसर स्थित गेस्ट हॉउस को एक निजी संस्था मेसर्स सत्य साइ कंट्रक्सन को किराये पर दे दिया गया है। जो पूरी तरह असवैधानिक है।

दूसरे राज्य के वयक्ति को बिना निविदा, आमंत्रण के शासकीय संपत्ति को किराए पर देना, नगर पालिका परिषद् के भरष्ट कारनामों को दर्शाती है। जो पूरी तरह गैर कानूनी है संघ ने कहा है की नगर पालिका परिषद् व मुख्य कार्यपालन अधिकारी की मिलीभगत से इस कार्य को अंजाम दिया गया है। परिषद के मुख्य अधिकारी से संज्ञान लेने पर उन्होंने कहा की मौखिक अनुबंध के आधार पर 30’000 रूपए के मासिक दर पर मेसर्स साईं कंट्रैशन को दिया गया है।बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ किरंदुल के कहा की यह कृत्य पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना व असवैधानिक है इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो, और पालिका द्वारा पूर्व में भी किये गए कार्यों की जांच कमिटी बैठाकर निष्पक्ष जांच की जाय।