
सुरेन्द्र मिनोचा:
बिजुरी(अनूपपुर):- भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता ने बताया कि तुलसी हिंदू धर्म में देवी कहलाती है, हिंदू परंपरा में यह एक पवित्र पौधा है । हिंदू इसे देवी तुलसी की सांसारिक अभिव्यक्ति के रूप में मानते हैं; उन्हें लक्ष्मी का अवतार माना जाता है और इस प्रकार वे भगवान विष्णु की पत्नी हैं । एक अन्य पुनरावृति में, वृंदा के रूप में, उनका विवाह जलंधर से हुआ। विष्णु और उनके अवतारों जैसे कृष्ण और विठोबा की अनुष्ठानिक पूजा में इसकी पत्तियों की पेशकश की सिफारिश भी की जाती है,जबकि हिंदू धर्म में वृक्ष पूजा असामान्य नहीं है। तुलसी के पौधे को सभी पौधों में सबसे पवित्र माना जाता है तथा इस पौधे को स्वर्ग और पृथ्वी के बीच एक दहलीज बिंदु माना जाता है।एक पारंपरिक प्रार्थना बताती है कि निर्माता-देवता ब्रह्मा इसकी शाखाओं में निवास करते हैं,सभी हिंदू तीर्थस्थल इसकी जड़ों में निवास करते हैं,गंगा इसकी जड़ों के भीतर बहती है, सभी देवता इसके तने और पत्तियों में हैं और यह कि सबसे पवित्र हिंदू ग्रंथ,पवित्र तुलसी की शाखाओं के ऊपरी भाग में वेद पाए जाते हैं।तुलसी जड़ी बूटी विशेष रूप से महिलाओं के बीच घरेलू धार्मिक भक्ति का केंद्र है और इसे “महिला देवता” और “पत्नीत्व और मातृत्व का प्रतीक” कहा जाता है, इसे “हिंदू धर्म का केंद्रीय सांप्रदायिक प्रतीक” भी कहा जाता है और इसके अलावा तुलसी एक औषधीय पौधा है जिसमें विटामिन (Vitamin) और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है। तुलसी के धार्मिक-महत्व के कारण हर-घर आगंन में इसके पौधे लगाए जाते हैं।तुलसी की कई प्रजातियां मिलती हैं।जिनमें श्वेत व कृष्ण प्रमुख हैं।इन्हें राम तुलसी और कृष्ण तुलसी भी कहा जाता है। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा नेता ने हिंदू नव वर्ष पर सभी लोगों से इस पौधे को अपने घर में लगाने की अपील की है।
