भाजपा कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण तेजी से बढ़ रहा है धर्म परिवर्तन :- आशीष रात्रे ।

धमतरी :- बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष आशीष रात्रे ने प्रेस विज्ञप्ति देते हुए कहा कि आज लगातार धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर भाजपा सड़क पर उतर कर अपनी नाकामियों से मुंह छिपाने का प्रयास कर रही है। कांकेर लोकसभा सांसद मोहन मंडावी आज रोड में उतर कर अपने संसदीय क्षेत्र में बढ़ रहे धर्म परिवर्तन को लेकर जिस तरह से आदिवासी समाज को घेरने का काम किये हैं। उनको खुद को पता होना चाहिए कि एक समान शिक्षा नीति यदि केंद्र और राज्य सरकार लागू करते तो यह दशा नहीं होती। सबसे ज्यादा ईसाई मिशनरी स्कूलों में पढ़ाने वाले कौन लोग हैं? निश्चित रूप से पढ़े-लिखे और भाजपा के लोग हैं, क्योंकि पूर्व में 15 साल तक भाजपा ने छत्तीसगढ में राज किया और उनके शासनकाल में सबसे ज्यादा शिक्षा का स्तर बदतर हो गया और उनके द्वारा खोले गए डीएवी विद्यालयों का आज क्या हाल है? सांसद इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने का काम करें कि संपूर्ण बस्तर संभाग नारायणपुर ओरछा जैसे अबूझमाड़ आदिवासी क्षेत्रों में कैसे समान शिक्षा दें ताकि उन गरीब आदिवासी जो धर्म परिवर्तन करने में मजबूर हो रहे हैं उन्हें भी संवैधानिक अधिकार के तहत आईपीएस आईएएस बनने का मौका मिले और शिक्षित होकर अपने धर्म की रक्षा कर सकें।

उसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी आज लोग गरीबी और लाचारी के कारण सही स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं इसी कारण अंदरूनी क्षेत्रों में सिरहा बैगा या इसाई पास्टरों के शरण में जाकर अपना इलाज करवाने के लिए मजबूर हैं। और ईसाई मिशनरी के कार्यकर्ता बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर उनकी स्वास्थ्य सेवा का विशेष ध्यान देकर उनकी सेवा भाव करके उनकी विषम परिस्थिति में सहयोग देकर ठीक करने का काम करते हैं।

सांसद हिंदू धर्म के कई संगठनों को इन विषयों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ना कि आर.एस.एस. के इशारे पर आरक्षण जैसे मुद्दे को दबाने के लिए बस्तर जैसे शांत प्रिय क्षेत्र में अशांति फैलाकर भोले- भाले आदिवासियों को भड़का कर शीतकालीन सत्र में असली मुद्दे से मुंह चुराकर बहुसंख्यक वर्गों की पीठ में छुरा भोंकने के समान है। मुद्दा विहीन भाजपा जैसी विपक्षी पार्टी आरक्षण के मुद्दे में कभी बात नहीं करेगी।

बस्तर संभाग मे बड़े-बड़े ओबीसी आंदोलन हुए। 28 दिसम्बर को विशाल ऐतिहासिक चक्का जाम हुआ ।इस आंदोलन में आपके क्षेत्र के लाखों ओबीसी शिरकत किए इस आंदोलन पर आपका समर्थन क्यों नहीं मिला? आपके मुंह में पट्टी क्यों बंधा हुआ था। ना ही आपके अन्य 09 सांसद इस विषय पर समर्थन दिए।

राज्य सरकार से भी अपील है ढुलमुल रवैया ना अपनाकर बहुसंख्यक समाज के हित में शीघ्र फैसला लें। भानूप्रतापपुर उपचुनाव के में प्रचार के दौरान बस्तर प्रभारी मंत्री ने 01 सप्ताह के अंदर आरक्षण का हल नहीं निकाल लूंगा तो इस्तीफा देने की पेशकश किए थे, लेकिन आज 01 माह हो गया है, समस्या का हल अभी तक नहीं हुआ है। यदि वादा के पक्के हैं तो तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। जनता को गुमराह करके राज्यपाल को मोहरा बनाकर जनता से वाह वाही लूटने का कार्य बंद करें।

दरअसल कांग्रेस, भाजपा एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। इक्कीसवीं सदी के सबसे बड़े महानायक मान्यवर साहब कांशीराम ने इसलिए इन दोनों पार्टियों को नागनाथ और सांपनाथ कहा था। अगर इन दोनों पार्टियों के पिछले 70 सालों के कार्यकालों का सही-सही समीक्षा किया जाय तो निष्कर्ष यही निकलेगा कि दोनों ने मिलकर इस देश के एस.सी,एस.टी.,ओबीसी, अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय को बर्बाद करने के अलावा अन्य कोई काम इन्होने नहीं किया है। भाजपा हिन्दू-मुस्लिम के नाम से मुस्लिमों की पिटाई करती है और कांग्रेस मार खाये मुसलमानों को मरहम लगाने का ढोंग करती है। चूंकि बस्तर में हिन्दू-मुस्लिम दंगा वाली चाल कामयाब नहीं हो रही है, इसलिए यहां हिन्दू आदिवासी और इसाई आदिवासी का फसाद खड़ा करके अपने एजेंडे को खड़े करने की कोशिश कर रही है। इसलिए बहुजन समाज पार्टी अपने आदिवासी,एस.सी, ओर ओबीसी भाईयों से ये आग्रह करती है कि आप लोग धर्म के झगड़े में फंसकर अपना जनसंख्यात्मक प्रतिनिधित्व और शिक्षा-रोजगार के मुद्दे को खत्म होने मत देना। ये दोनों पार्टियां आपके मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस धार्मिक विवाद के मुद्दे को हवा देने का काम कर रहे हैं। इन दोनों पार्टियों से अब अपने समाज को बचाना है और आपस में लड़ने का काम नहीं करना है। बहुजन समाज पार्टी की जनहित में यही विनम्र अपील है।