सम्यक बौद्ध महासभा महिला मंडल दल्ली राजहरा के तत्वाधान में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका ,नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता एवं महान समाज सेविका सावित्रीबाई फुले की जयंती डॉ आंबेडकर मेमोरियल भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

बालोद :- हाशिम कुरैशी 

दल्ली राजहरा :- सम्यक बौद्ध महासभा महिला मंडल दल्ली राजहरा के तत्वाधान में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका ,नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता एवं महान समाज सेविका सावित्रीबाई फुले की जयंती डॉ आंबेडकर मेमोरियल भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हेमंत कांडे प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा, विशेष अतिथि के रूप में बी. एल. बौद्ध सामाजिक संस्कारक ,कृष्णमूर्ति रामटेके, किशोर बाम्बेश्वर, महिला मंडल अध्यक्ष चंद्ररेखा नंदेश्वर, नीता कमल रामटेके, चंद्रशिला बाम्बेश्वर के अतिथि में कार्यक्रम संपन्न हुआ। सावित्रीबाई फुले की जयंती समाज के द्वारा महिला शिक्षिका दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर किशोर बाम्बेश्वर को प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त होने पर उनको स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। सुरेंद्र मेश्राम के पुत्र को डॉक्टर बनने पर सम्मानित किया गया। उसी तरह देवेश मेश्राम को पीएचडी की उपाधि मिलने पर समाज के द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भरत रंगारी, ओमप्रकाश रामटेके, अनूप खोब्रागड़े, गोरेलाल बाम्बेश्वर, संतोष मेश्राम, रोशन पाटील, भीमराव मेश्राम, प्रदीप बनसोडे, ताराचंद गायकवाड, देवानंद दहिवेल, संतोष सहारे, कमल कांत रामटेके, योगराज बोरकर, मूलचंद गोंडाने, जोत्सना मेश्राम, ज्ञानेश्वरी खोब्रागड़े, सीता गोण्डाने, सीमा मेश्राम, थानेश्वरी रंगारी, शारदा बाम्बेश्वर, सावित्री रामटेके, रंजना खोब्रागड़े, उषा मेश्राम, अरुणा रामटेके, अनीता उके, ललिता डोंगरे, सुलेखा मोटघरे, निर्मला शुक्ला, ताराबाई डोंगरे, लोमलता बाम्बेश्वर, लता बोरकर, रंजना रामटेके, बिना बोरकर, उमा रंगारी, भारती दहिविले, माला भगत, शीला दासोडे, भावना दासोडे, एम. सोमकुवर सुशीला रामटेके एवं समाज के बौद्ध उपासक- उपाशीकाये उपस्थित थे।