
प्रशिक्षण के दौरान राज्य शासन द्वारा धान खरीदी के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई तथा उनका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में विगत विपणन वर्ष 2025-26 में संचालित खरीदी केन्द्रों के साथ ही इस वर्ष प्रारंभ किए गए 20 नवीन खरीदी केन्द्रों में भी धान का उपार्जन किया जाएगा। उन्होंने नवीन केन्द्रों में खरीदी के लिए आवश्यक संसाधन, सुविधाएं एवं अन्य व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले के सभी 202 धान उपार्जन केन्द्रों में खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व 35 निर्धारित बिंदुओं के आधार पर व्यवस्थाओं की जांच एवं पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केन्द्र में आवश्यक सुविधाओं, तकनीकी संसाधनों और किसानों की सुविधा से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण होनी चाहिए।
कलेक्टर ने उपार्जन केन्द्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, उपयुक्त स्थल चयन, अस्थायी विद्युत कनेक्शन, कम्प्यूटर सेट, प्रिंटर, यूपीएस एवं जनरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही खरीदी में उपयोग होने वाले कम्प्यूटर एवं टैबलेट में आवश्यक खरीदी सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट की व्यवस्था कर उसका विधिक माप विज्ञान विभाग से सत्यापन सुनिश्चित कराने को कहा। आर्द्रतामापी यंत्र की खरीदी एवं कैलिब्रेशन तथा बारदानों में लगाए जाने वाले स्टेंसिल की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। स्टेक निर्माण के लिए हमालों को पर्याप्त दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन देने कहा गया है। वहीं अवैध धान खरीदी के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों में शामिल किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। निगरानी के लिए कंट्रोल यूनिट के माध्यम से टीम गठित की गई है। साथ ही प्रत्येक तहसील में उड़नदस्ता टीम का भी गठन किया गया है।
धान खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त संख्या में बारदाने, कर्मचारियों एवं हमालों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ दीमक रोधी दवाइयां, रंग, सुतली, डनेज के लिए फ्लाई ऐश अथवा सीमेंट ब्लॉक, प्लास्टिक बैग, धान की भूसी और तारपोलिन की व्यवस्था करने को कहा गया। इसके अलावा लोडिंग-अनलोडिंग क्षेत्र, धान की सफाई के लिए उड़ावनी पंखा, सूपा एवं चलनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। धान की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए औसत अच्छी किस्म के निर्धारित मापदंडों का प्रदर्शन तथा उसका नमूना केन्द्रों में प्रदर्शित करना भी आवश्यक बताया।
कलेक्टर ने कहा कि धान बेचने आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक केन्द्र में पेयजल, प्राथमिक उपचार पेटी, शौचालय, हेल्प डेस्क, प्रशासनिक भवन एवं किसानों के बैठने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। समर्थन मूल्य संबंधी जानकारी के लिए बैनर एवं पोस्टर लगाने तथा समिति प्रभारियों के संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा।
कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी नोडल अधिकारियों को अपने-अपने आबंटित उपार्जन केन्द्रों का नियमित निरीक्षण कर तैयारियों का सत्यापन करने तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए, ताकि धान खरीदी कार्य निर्धारित तिथि से सुचारू रूप से प्रारंभ हो सके।
