कन्हारपुरी के देव दशहरा में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, करोड़ों के विकास कार्यों की देंगे सौगात

कांकेर – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय 19 अक्टूबर को कांकेर विकासखंड के ग्राम कन्हारपुरी में आयोजित देव दशहरा कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर जिले में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किए जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इनमें 200 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत वाले 8 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 28 करोड़ 7 लाख रुपये की लागत वाले 14 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल बताया गया है।

सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्यों को मिलेगी गति

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकासखंडों में सड़क, पुल-पुलिया तथा मार्गों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित कार्यों का भूमिपूजन प्रस्तावित है। इनमें बासनवाड़ी-तन्हाकापार मार्ग पर महानदी में उच्चस्तरीय पुल निर्माण, इच्छापुर-घोटिया मार्ग पर दूध नदी में पुल निर्माण, हातकरा-कोटगांव मार्ग पर चिनार नदी में पुल सहित पहुंच मार्ग निर्माण तथा कोदाभाट-माटवेड मार्ग पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त दुर्गूकोंदल विकासखंड में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण तथा कांकेर-भानुप्रतापपुर-संबलपुर मार्ग के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं।

पेयजल योजनाओं का भी होगा लोकार्पण

जिले में पेयजल सुविधा के विस्तार के लिए विभिन्न ग्रामों में एकल ग्राम नल-जल प्रदाय योजनाओं से संबंधित कार्य भी कार्यक्रम में शामिल बताए गए हैं। इनमें बोरगांव, कुरुष्ठीकुर, मुजफ्फरपुर, सराधुनवागांव, तिरकादंड और तांसी सहित विभिन्न ग्रामों की योजनाओं का उल्लेख है।

इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में घरों तक पेयजल की उपलब्धता बढ़ाना है। वहीं, सड़क और पुल निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन तथा संपर्क सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी और अन्य घोषणाओं की पुष्टि आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद की जा सकेगी।

प्रकाशन से पहले ध्यान दें:

मूल खबर में कुछ निर्माण कार्यों की लागत और स्थानों के नाम स्पष्ट नहीं हैं।

200.51 करोड़ रुपये के 8 कार्यों के भूमिपूजन तथा 28.07 करोड़ रुपये के 14 कार्यों के लोकार्पण के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि कर लें।

मूल पाठ में लोकार्पण और शिलान्यास के विवरण में अस्पष्टता है। इसलिए अंतिम खबर में इनका सही वर्गीकरण आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति से मिलाना जरूरी है।