ग्राम परिवर्तक में परमाणु विकास की रोशनी, वर्षों का इंतजार हुआ ख़त्म

विद्युतीकरण से पहली बार रोशन हुए 23 परिवार के घर

 कोंडागांव – छत्तीसगढ़ शासन की औषधिनुरूप जिला प्रशासन द्वारा जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र में समग्र ढांचे का विस्तार कर विकास के ढांचे से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय से लगभग 35 किमी दूर स्थित अति दुर्गम ग्राम चेंजर में कई वर्षों बाद पहली बार बिजली की आपूर्ति हुई है। डिस्ट्रिक्ट मिनरल्स इंस्टिट्यूट ट्रस्ट (डी स्टेरॉयड) एमडी से संचालित इलेक्ट्रॉनिक्स विद्युतीकरण कार्य के आरंभिक गांव के सभी 23 परिवारों के घर अब रोशनी से जगमगा उठे हैं।

अंधेरे से उजाले तक का सफर

ग्राम चांगेर के ग्रामीण क्षेत्रों से बिजली जैसी वस्तुओं की सुविधा से लाभ थे। शाम ढलते ही गाँव में अँधेरा छा जाता था। बच्चों को पढ़ाई के लिए लालटेन का सहारा लेना था, वहीं रात के समय के निर्देशों में भी विद्यार्थियों को समझाना का सामना करना पड़ा। बिजली की कमी से दैनिक जीवन के अनेक कार्य प्रभावित होते थे। ऐसे में गांव में विद्युतीकरण को लंबे समय से इंतजार के बाद पूरी तरह से लागू किया जाना एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

ग्राम परिवर्तक तक विकास की विचारधारा दीक्षा के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान ट्रस्ट (डी निरंजन) मद से 25.21 लाख रुपये की लागत से विद्युतीकरण कार्य आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत गांव के सभी 23 घरों में बिजली कनेक्शन उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इस पहले से ही कलाकृतियों को प्रदर्शित करने की सुविधा के साथ ही उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई झलकियाँ भी बनी हुई हैं।

गांव में बिजली पहुंचने से बच्चों को अब शाम के समय बेहतर रोशनी में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। साथ, आतिथ्य को घरेलू कार्य में सुविधा और रात के समय शिक्षण में सुविधा ही। बिजली के वैज्ञानिक से शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और इंजीनियरिंग से जुड़े विस्तार की गहराई भी बढ़ेगी। यह सुविधा ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ग्राम चेंजर में पहली बार बिजली पहुंचने से लेकर घर में खुशी का माहौल है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन के प्रति भागीदारी के लिए यह पहल की। नवीनीकरण के लिए यह केवल बिजली कनेक्शन मीटिंग की उपलब्धि नहीं है, बल्कि वर्षों से संरक्षित सुविधा, सुरक्षित जीवन और बेहतर भविष्य की दिशा में एक नई शुरुआत है।

डेवलपमेंट के मैनेजमेंट से जुड़ते हुए फ्लोटर चेंजर बने रहे

माओवाद से प्रभावित क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की स्थिति में सुधार के साथ विकास कार्यों को गति मिल रही है। जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ एवं दुर्गम जिला तक रोड, बिजली एवं अन्य कोचिंग संस्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्राम परिवर्तक में विद्युतीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो अंतिम छोर पर बसे परिवार तक विकास का लाभ निर्धारण और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को छोड़ना है।