250 बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने की दिलाई शपथ
गरियाबंद – जिले में संचालित सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को जिला जेल गरियाबंद में नशामुक्ति एवं जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जेल में निरुद्ध लगभग 250 बंदियों को नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उपस्थित बंदियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।
नशे से शारीरिक और सामाजिक जीवन पर पड़ता है गंभीर प्रभाव
कार्यक्रम में बताया गया कि नशे का सेवन व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है। नशे की लत व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित करती है। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को नशे से होने वाली विभिन्न समस्याओं एवं इसके दुष्परिणामों से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री डी.पी. ठाकुर ने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए व्यक्ति को अपने खाली समय का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने खेलकूद, व्यायाम, योग, ध्यान तथा नई कौशल सीखने जैसी गतिविधियों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तनाव की स्थिति में धुम्रपान या शराब जैसे नशीले पदार्थों का सहारा लेने के बजाय गहरी सांस लेना, सैर करना अथवा अपनी पसंद की सकारात्मक गतिविधियों में स्वयं को व्यस्त रखना चाहिए। उन्होंने नशे के लिए प्रेरित करने वाली संगत से दूरी बनाए रखने पर भी जोर दिया।
‘नशे के बिना भी खुशहाल जीवन संभव’ – डॉ. मनोज कुमार साहू
शांति मैत्री ग्रामीण विकास संस्थान के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार साहू ने बंदियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन नशे के बिना भी बेहतर और खुशहाल तरीके से जिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार और समाज के लिए नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने सकारात्मक सोच और अच्छे कार्यों को जीवन में अपनाने पर जोर देते हुए बंदियों को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
नशामुक्ति के लिए दिलाई गई शपथ –
कार्यक्रम के दौरान जिला जेल के प्रभारी खेमचंद जंजीर ने बंदियों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित बंदियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जिला जेल अधीक्षक टोमन साहू, सहायक रवि कुमार भुआर्य, कुंज लाल सिन्हा, प्रमोद शव, भारत दीवान, धीरेन्द्र, नशामुक्ति प्रबंधक अशोक कुमार नेताम, सामाजिक कार्यकर्ता आकाश ध्रुव, श्रीमती पूर्णिमा कंवर, नर्स सुश्री बालेश्वरी ध्रुव सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने, सकारात्मक गतिविधियों को अपनाने तथा स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवन की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
