महाराष्ट्र मंडल में गणेशोत्सव का 54 वा वर्ष -परियोजना प्रमुख और पालिकाध्यक्ष ने की विशेष पूजा अर्चना

किरंदुल – लौह नगरी किरंदुल में महाराष्ट्र मंडल द्वारा 54वां गणेश उत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्री गणेश की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। आयोजन में महाराष्ट्र मंडल के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। किरंदुल में गणेश उत्सव की परंपरा एनएमडीसी परियोजना की स्थापना के शुरुआती दौर से जुड़ी हुई है। परियोजना के प्रारंभिक वर्षों में विभिन्न राज्यों से आकर बसे मराठी समाज के लोगों ने भगवान गणेश की आराधना के साथ इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा की शुरुआत की थी। पिछले 54 वर्षों से महाराष्ट्र मंडल द्वारा इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

विशेष पूजा-अर्चना में शामिल हुए अतिथि

गणेश उत्सव के तहत आयोजित विशेष पूजा-अर्चना एवं भंडारा कार्यक्रम में एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के अधिशासी निदेशक रविंद्र नारायण तथा नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह विशेष रूप से शामिल हुए। महाराष्ट्र मंडल के सदस्यों ने अतिथियों का पारंपरिक मराठी रीति-रिवाज से तिलक लगाकर, मराठी टोपी एवं गमछा पहनाकर स्वागत किया।

इसके पश्चात अतिथियों ने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर नगरवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

पूजा-अर्चना के बाद बड़ी संख्या में नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर पूरे समय श्रद्धा और उल्लास का माहौल रहा। महाराष्ट्र मंडल के सदस्यों, विशेषकर महिला सदस्यों ने व्यवस्थाओं एवं प्रसाद वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सामाजिक एकता का संदेश

महाराष्ट्र मंडल का 54वां गणेश उत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश भी देता नजर आया। विभिन्न राज्यों और समुदायों से आकर किरंदुल में बसे लोगों की सहभागिता ने नगर की बहुरंगी सांस्कृतिक विरासत और आपसी सौहार्द को दर्शाया।

आयोजन में पदाधिकारियों व सदस्यों का योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष मदने, सचिव कपिल चिंचोलकर कोषाध्यक्ष संतोष माड़वारे, संरक्षक मधुकर सीतापराव, प्रसन्ना रंगनेकर, अमित फुलझले, विजय धुर्वे, चेतन वाकडे, हितेश कुलारकर, आशीष झडपे, प्रशांत राउत एवं धनराज बांबल सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। साथ ही महिला सदस्यों में स्मिता मदने, नम्रता फुलझले, दीपिका चिंचोलकर, मनीषा वाकडे, कल्याणी रावत, आशा सीतापराव, स्मिता, प्रीति लोणारे, कविता माहुरे, पूजा जगनाडे, पूनम धुर्वे, मीरा ताई बांबल, पल्लवी गायकवाड एवं उषा विरुलकर का भी आयोजन को सफल बनाने में विशेष सहयोग रहा।