BDG’ऑनलाईन सट्टा ऐप के जरिए अवैध कारोबार चलाने वाले अंतर जिला/स्थानीय नेटवर्क का पर्दाफ़ाश 

साइबर जागृति कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन सट्टा, एपीके फाईल डाउनलोड नहीं करने के संबंध में लोगों को जागरूक किया जा रहा हैं। एवं खेलने वालों के विरूद्ध जा रही है कार्यवाही।

 *मास्टरमाइंड समेत 05 शातिर आरोपी गिरफ्तार* 

*सटीक मुखबिर सूचना पर त्वरित रेड साइबर थाना पुलिस को मिली गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑनलाईन सट्टा नेटवर्क की जड़ तक पहुँची पुलिस।*

*हाई टेक सट्टा रैकेट का खुलासा पारंपरिक जुए की बजाय मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और USDT (क्रिप्टो डिजिटल करेंसी) के माध्यम से हो रहे वित्तीय लेन.देन का हुआ पर्दाफाश।*

*दूसरे राज्य के कनेक्शन का खुलासा पूछताछ में आया सामने जिसके लिंक की गहनता से जाँच जारी है।*

*कुल 06 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड एडमिन से लेकर आईडी होल्डर्स तक, कुल 06 आरोपियों को कानून के शिकंजे में लिया गया है।*

*सख्त कानूनी कार्यवाही छत्तीसगढ़ जुआ ;प्रतिषेधद्ध अधिनियम 2022 की धारा 07 एवं बीएनएस की धारा 112 (2) के तहत प्रकरण दर्ज कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।*

प्रकरण का संक्षिप्त विवरण

साइबर थाना जांजगीर को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि न्यू चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर निवासी हेमलाल यादव अपने मोबाइल फोन के माध्यम से अवैध रूप से ऑनलाईन सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना की तस्दीक हेतु साइबर थाना पुलिस टीम द्वारा गवाहों की उपस्थिति में त्वरित रेड कार्रवाई की गई।

दौरान पूछताछ आरोपी हेमलाल यादव ने BDG नामक ऑनलाईन सट्टा गेम खेलने और इसका बड़ा नेटवर्क होने का खुलासा किया। उसने बताया कि उसे इस खेल की आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा द्वारा उपलब्ध कराई गई थी

*कड़ियों से जुड़ी कड़ियाँ कैसे हुआ नेटवर्क का खुलासा*

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और हेमलाल के मेमोरेंडम के आधार पर मुख्य संचालक शैलेंद्र कुमार शर्मा को पुलिस हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर शैलेंद्र ने स्वीकार किया कि वह *BDG ऑनलाईन सट्टा ऐप की मास्टर आईडी* और लिंक्स को व्हाट्सएप मोबाइल नंबर के माध्यम से अन्य सहयोगियों तक पहुँचाता था। यह नेटवर्क मार्केटिंग के आधार पर काम करता है अपने नीचे अन्य व्यक्तियों को लिंक के माध्यम से जोड़ने पर कमीशन प्राप्त होता है। जब-जब नीचे जुड़ा हुआ व्यक्ति सट्टा में पैसा लगाता है तब-तब उपर के एडमिन को कमीशन प्राप्त होता है। शैलेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य चार आरोपियों महेश प्रसाद राठौर, राकेश कुमार राठौर, दुर्गेश कुमार राठौर और हीरालाल यादव को भी हिरासत में लिया जिनके मोबाइल से ऑनलाईन सट्टा ऐप की आईडी और स्क्रीनशॉट विधिवत जप्त किए गए। शैलेन्द्र के द्वारा अब तक लगभग 20 लाख रूपये का आनलाईन सट्टा खेल चुका है एवं लिंक के माध्यम से अपने अन्य कई साथियों को इसकी लत लगा चुका है और लाखों रूपये इस आनलाईन सट्टा में हार चुके हैं।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण,

*हेमलाल यादव उर्फ सोनू उम्र 47 वर्ष निवासी न्यू चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर।*

*शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू उम्र 45 वर्ष निवासी शंकर विहार कॉलोनी लिंक रोड जांजगीर मुख्य एडमिन।*

*महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश उम्र 47 वर्ष निवासी न्यू चंदनियापारा वार्ड 07 जांजगीर।*

*राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू ;उम्र 45 वर्ष निवासी हरियाली हेरिटेज के बगल अकलतरा रोड जांजगीर।*

*दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु उम्र 45 वर्ष निवासीर पुराना चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर।*

*हीरालाल यादव उम्र 47 वर्ष निवासी न्यू चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर।*

वित्तीय धोखाधड़ी और जप्ती के मुख्य बिंदु

लेन.देन के आधुनिक तरीके से पैसों का आदान/प्रदान व्हाट्सएप चैट के साथ साथ डिजिटल एसेट्स USDT के जरिए भी किए जाने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।

जप्तशुदा सामग्री आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्मार्टफोन ऑनलाईन सट्टा ऐप की आईडीए स्क्रीनशॉट और चैट के डिजिटल सबूत जप्त किए गए हैं। खाते में लगभग 30 लाख से उपर का लेनदेन पाया गया है।

पुलिस की आम जनता से अपील

*जिला पुलिस जांजगीर.चांपा ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाईन सट्टा जुआ या ऐप आधारित वित्तीय धोखाधड़ी के प्रलोभन में न आएं। इस प्रकार के अवैध कृत्यों में संलिप्त पाए जाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस की यह सख्त कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी।