प्रधान एवं जिला सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकारी श्री खेवन राम रिगारी ने न्याय की पहुंच बढ़ाने के लिए पैरालीगल वॉलिंटियर्स को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।

कोंडागांव – जिला विधिक सेवा प्राधिकारी कोंडागांव में पैरालीगल वालिंटियर्स का एक दिव्य मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकारी कोंडागांव श्री खिलावन राम रिगारी की प्रधानाध्यापिका में हुआ।इस अवसर पर मुख्य मंदिर निर्माता रेशमा बैरागी पटेल एवं सचिव जिला सेवा प्राधिकरण कोंडागांव मठवासी गायत्री सय्ये उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकारी कोंडागांव  खिलावन राम रिगारी ने पैरालीगल वालंटियर्स को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक विद्वान व्यक्ति तक न्याय और विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने पैरालीगल वॉलिंटियर्स को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विद्यार्थियों में वित्तीय, आर्थिक, आर्थिक रूप से कमजोर और विकलांग लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी प्रदान करें और उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकार से उपलब्ध करायें।उन्होंने कहा कि पैरालीगल वॉलिंटियर्स की न्याय व्यवस्था और व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए वे ग्रामीण न्यायालय एवं क्षेत्र में रहने वाले लोगों को निःशुल्क सहायता, लोक, झील, विधिक जागरूकता तथा शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हैं। उन्होंने महिलाओं, बच्चों, वृद्ध नागरिकों और अन्य उद्यमियों के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार करने की विधिक सेवाओं को अपने अधिकारों के प्रति सलाहकारों पर विशेष जोर दिया।साथ ही पैरालीगल वॉलिंटियर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में प्राप्त होने वाली विधिक सेवा से जुड़े आवेदकों को निर्देश दें और आवश्यकतानुसार उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकारी तक के पद में सहयोग करें, ताकि कोई भी व्यक्तिगत आर्थिक या सामाजिक शिक्षा से लेकर न्याय से सलाह न ली जा सके।प्रशिक्षण के दौरान पैरालीगल वालंटियर्स को उनके दायित्वों, कानूनी जागरूकता सहसंबंध एवं असमानता तक मुफ्त कानूनी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिया गया।

कार्यक्रम में पैरालीगल वालंटियर्स ने प्राप्त दिशा-निर्देशों के साथ समाज के रचनात्मक कार्य करने के लिए समाज के शिक्षण और सांस्कृतिक सहायता परिषद और तकनीकी जागरूकता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का संकल्प लिया।