लखपति दीदी पहल से महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का मंच, धान की राखियों ने खींचा आकर्षण

स्थानीय सामग्री से तैयार राखियों की जिला कार्यालय परिसर में लगी बिक्री प्रदर्शनी, अधिकारियों-कर्मचारियों ने की खरीदारी

कोंडागांव – कोंडागांव जिले की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से राखी निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को स्थानीय एवं प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर आकर्षक, गुणवत्तापूर्ण और बाजार में बिक्री योग्य राखियां तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा तैयार राखियों को बाजार तक पहुंचाने और उनके उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला कार्यालय परिसर में राखियों की बिक्री के लिए स्टॉल लगाया गया। स्टॉल में बिहान समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की गई विभिन्न प्रकार की राखियां प्रदर्शित की गईं। स्थानीय सामग्री से निर्मित इन राखियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।जिला कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित अन्य लोगों ने स्टॉल से राखियों की खरीदारी कर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नूपुर राशि पन्ना ने भी स्टॉल का अवलोकन करते हुए राखियों की खरीदारी की। उन्होंने स्थानीय स्तर पर तैयार की गई धान की राखियों की सराहना करते हुए महिलाओं को बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।राखी निर्माण जैसे प्रशिक्षण से महिलाओं को न केवल नया कौशल मिल रहा है, बल्कि वे अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। बिहान समूह की महिलाओं द्वारा तैयार राखियों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय एवं पारंपरिक कौशल के संरक्षण और उपयोग को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।स्थानीय सामग्री से निर्मित राखियां एवं अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए शालीमार पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), कोंडागांव कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।