शिवसेना प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय पहुंचकर जिला की बुनियादी समस्याओं को लेकर स्कूल शिक्षा सचिव को सौंपा ज्ञापन

कांकेर – शिवसेना के प्रतिनिधि मंडल ने मंत्रालय पहुंचकर प्रमुख शिक्षा सचिव से भेंट कर कांकेर जिले के ग्रामीण व अंदरूनी इलाकों के शासकीय विद्यालयों की दयनीय और जर्जर स्थिति से उन्हें अवगत कराया। शिवसेना ने साफ शब्दों में कहां की जिले के कई स्कूलों में भवन इतनी खतरनाक हो चुके हैं कि मासूम बच्चों को मजबूरी में झोपड़ियां पेड़ों के नीचे या कचरा शेड जैसे असुरक्षित स्थान पर कक्षाएं लगाने को विवश होना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जिला कांकेर के दुर्गूकोंदल, कोयलीबेड़ा, अंतागढ़ अंतर्गत और अन्य विकासखंण्डो में कई प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं की छते टपक रही है, दीवारों में दरारें आ चुकी है और प्लास्टर उखड़ रहा है बरसात और तेज धूप के बीच खुले शेड या झोपड़िया में बैठना बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने आगे कहां करोड़ों का टैक्स देने के बाद भी बच्चे बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार को जल्द से जल्द इन स्कूलों की मरम्मत करनी चाहिए। शिवसेना द्वारा उक्त समस्याओं को लगातार शासन प्रशासन के सामने उठाया जा रहा है और जर्जर भवनों को गिराकर नए सुरक्षित और सुसज्जित स्कूल भवन बनाने की मांग की जा रही है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने शासन प्रशासन से मांग किया है कि सभी जर्जर स्कूल की इमारतें की तुरंत जांच हो और नए भवन बनाए जाएं, बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित स्थानों पर कक्षाएं लगाई जाएं, स्कूलों में बिजली, पानी, शौचालय और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं, सचिव महोदय ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों से चर्चा कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से शिवसेना प्रदेश सचिव महेश वासुदेव दुबे ब्लॉक प्रमुख सुकचंद मंडावी डिपेंद्र कुंजाम उपस्थित रहें।