हसदेव संरक्षण का संदेश लेकर दिल्ली से लौटे पदयात्री, पूर्व सीएम बघेल ने बढ़ाया हौसला

कोरबा – हसदेव अरण्य के संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों की आवाज देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंचाकर लौटे दो युवा पदयात्रियों का छत्तीसगढ़ में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कटघोरा से शुरू हुई जंगल, जीव एवं जन-अधिकार पदयात्रा के सूत्रधार सामाजिक कार्यकर्ता राजकमल यादव और चंद्रशेखर पांडे का बिलासपुर, हरदी बाजार सहित विभिन्न स्थानों पर पुष्पमालाओं से अभिनंदन किया गया।

यह पदयात्रा 30 जून को कटघोरा से प्रारंभ हुई थी। दोनों युवाओं ने भीषण गर्मी और प्रतिकूल मौसम के बावजूद 21 दिनों में लगभग 1200 किलोमीटर की दूरी तय कर 20 जुलाई को दिल्ली पहुंचकर हसदेव अरण्य, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों के ग्रामीणों और नागरिकों से संवाद कर जंगलों एवं आदिवासी समुदाय के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।

दिल्ली पहुंचने पर दोनों पदयात्रियों ने छत्तीसगढ़ भवन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने उनके साहस और समर्पण की सराहना करते हुए सम्मानित किया तथा प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की। साथ ही उन्होंने दोनों युवाओं की कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कराने के लिए समय दिलाने का आश्वासन भी दिया।वापसी पर मीडिया से चर्चा करते हुए पदयात्रियों ने कहा कि उनका अभियान किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। यह पूरी तरह पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जनजागरण का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पदयात्रा भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।बिलासपुर और हरदी बाजार में समाजसेवियों एवं स्थानीय नागरिकों ने दोनों युवाओं का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर सहित रमेश अहीर, दुर्गेश साहू, संतोष यादव, सुनील भैना, शशि भैना, दीपक पांडे, बबल मरकाम, निखिल डायरिया, लालू प्रजापति, रोहन पांडे, आशीष कान्हा प्रजापति, उमाशंकर पटेल, राजकुमार, परमेश्वर यादव, प्रीत यादव, राहुल कश्यप सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और युवा मौजूद रहे।