बीजारोपण तकनीक से खेती को मिल रही नई दिशा

डोनर समिति के साम्राज्य से किसानों के खेत में कृषि साजो-सामान का निर्माण किया गया

धमतरी – जिले में कृषि विभाग द्वारा कृषकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक सुविधा के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा कृषि प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में आज प्राथमिक कृषि साख सहयोगी समिति डोनर (पैक्स) में उपलब्ध कृषि स्वतंत्रता के माध्यम से ग्राम धीमरटिकुर के प्रगतिशील क्रांतिकारी  हरनारायण भंडारी के खेत में कृषि साख का निर्माण किया गया। इस अवसर पर आसपास के कई किसान भी उपस्थित रहे और डूबते हुए जा रहे शार्क का सीधा आगमन हुआ।कृषक श्री हरनारायण साहूकार के पास लगभग 8 एकड़ कृषि भूमि है। तकनीकी अनुसंधान के तहत आज सूर्योदय के माध्यम से लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में ही कृषि अनुसंधान संस्थान लेमडाक्लोरपिड हेक्सागोनजोले एवं बायोलॉजिकल फर्टिलजिजर का साहस हासिल किया जा सका। शेष क्षेत्र में मकड़ी का कार्य तकनीकी समस्या का समाधान बाद में किया जाएगा। किसानों के दबदबे के दौरान होने वाले प्रदर्शन, संचालन और इसके उपयोग से संबंधित विस्तार की जानकारी दी गई।कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि कम समय में बड़े क्षेत्र में डूबने वाली तकनीक के माध्यम से एक समान रूप से साज़िश का उपयोग किया जा सकता है। इससे श्रम और समय की बचत होती है, दवा की मात्रा नियंत्रित रहती है और दवा पर समान रूप से दवा पहुंचने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। साथ ही किसानों के रासायनिक रसायन के सीधे संपर्क में आना भी कम हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम घटते हैं।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने अपने संचालक की आधुनिक और उपयोगी तकनीकी सामग्री को देखते हुए जा रहे साझीदारों को बुलाया। किसानों ने कहा कि यदि यह सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध हो तो खेती की लागत कम करें, समय पर कृषि कार्य खरीदें और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता दें। कई किसानों ने आगामी प्लायम एवं रबी सीजन में भी सूर्योदय आधारित कृषि सेवाओं का लाभ लेने की इच्छा व्यक्त की। इस अवसर पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी  बीरेंद्र साहूकार, राजदूत श्री पीयूष साहू,  कमल जी और सम्राट कृष्ण साहूकार,  क्रींद्र दीवान, गिरिधारी, दुर्जाराम एवं  कालीराम थे।उल्लेखनीय है कि जिलों में संबद्धता के माध्यम से कृषि उत्पादन की खेती को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। कृषि विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान नवीन तकनीकों को अपनाकर लागत में कमी लाना, मशीनरी और कृषि को अधिक एवं टिकाऊ बनाना।