जिला प्रशासन और एफ ईएस के विश्लेषक भानपुरी में ‘ग्रेट बैकयार्ड ब्रेड काउंटी’ का आयोजन कर रहे हैं।

कोंडागांव – कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशी पाना के निर्देशन और केशकाल डी लोहिया श्रीमती दिव्या गौतम के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (एफ ईएस) के संयुक्त उद्यम में फरसागांव विकासखंड के पंचायत ग्राम भानपुरी में ‘ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट (जीबीबीसी)’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को जैव विविधता संरक्षण के प्रति अनुसंधान करना और जानवरों की पहचान करना एवं संरक्षण की दिशा में कब्रिस्तान बनाना था।

कार्यक्रम में ग्राम के एकल संसाधन वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ मंडा एवं वी के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साह बढ़ाया। पशुचिकित्सकों ने अपने आस-पास के प्राकृतिक परिवेश में पक्षियों का अवलोकन किया और उनके पशुओं की पहचान की। इस दौरान कुल 26 विभिन्न पक्षी-जीवों का उत्खनन किया गया, जिनमें ब्लैक हुडेड ओरिओल पक्षी और ‘रेड-नेप्ड आइबिज़’ प्रमुख आकर्षण रहे। रेड-नेप्ड आइबाइस एक प्रवासी पक्षी है, जो उपस्थिति क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का संकेत देता है।

एफ ईएस संस्था से कुमारी सत्यवती मंडावी और पर्ल लीडरम ने रिवोल्यूशन बच्चों को पक्षी के महत्व, उनकी पहचान की विधि और जादू तंत्र में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पक्षी न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि वे बीज प्रसार, कीट नियंत्रण और प्राकृतिक संरचना के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान आतिथ्य और बच्चों को गांव के जंगलों की यात्रा कराई गई।

कॉलेज की छात्रा नूपुर राइस पन्ना ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सबसे पहले एक महत्वपूर्ण कदम बताया। ‘ग्रेट बैकयार्ड ब्रेड काउंट’ जैसे वैश्विक अभियान से जुड़कर भानपुरी के आध्यात्म ने न केवल स्थानीय जैव विविधता का दस्तावेजीकरण किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जागरूकता का भी परिचय दिया।