झींगा पालक कृषकों को मछली बीज की आपूर्ति की गई।
कोंडागांव – डॉक्युमेंट्री डॉलीमेट नुपुर राशी पन्ना के डायरेक्शन में थ्री डेवियन फिश फिशरीज पेनाल्टी कोपाबेड़ा में फिश बीज का वितरण किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषकों को मछली पालन से संबंधित तकनीकी ज्ञान, तालाब की तैयारी, मछली के बीज का चुनाव, संचयन विधि और मत्स्य आहार का उपयोग और प्रबंधन तकनीक के बारे में श्री योगेश कुमार देवांगन ने विस्तार से बताया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्वेश्य सैनिकों को आधुनिक से मछली पालन के लिए प्रेरित करना, उनके आय में वृद्वि करना और ग्रामीण उद्योगों में सुधार लाना है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन मछली पालन विभाग द्वारा झींगा पालन कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए झींगा पालन कार्यक्रम को बढ़ावा दिया गया है, जिसे पाइपलाइन परियोजना के 07 जिले में कमांडर के रूप में लागू किया गया है। इसी सिद्धांत में कोंडागांव जिले में प्रथम चरण में अंकित 30 सैनिकों को दिनांक 07 अक्टूबर से 09 अक्टूबर तक 03 दिव्य मछली पालन तकनीकी प्रशिक्षण स्तर स्थानीय मछली बीज का वितरण किया गया।
झींगा क्या है- झींगा जिसे सामान्य रूप से फिश वॉटर के नाम से जाना जाता है झींगा या चिंगड़ी या प्रांस के नाम से जाना जाता है। अधिक कीमत और अधिक प्रोटीन के कारण इसका बाजार भाव औसत होता है 400 से 500 रु. प्रति किल है।
इस कार्यक्रम में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष हीरासिंह नेताम, जिला पंचायत सदस्य नंदलाल राठौड़, जिला अध्यक्ष कोंडागांव टोमेंद्र सिंह ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष कोंडागांव टॉमेंद्र सिंह ठाकुर, जिला एवं सदस्य कृषि विशेषज्ञ कोंडागांव श्रीमती बिमला बडग़ाल, मछली पालन विभाग के उप-अध्यक्ष एम0एल0 राणा, सहायक मत्स्य आचार्य योगिता कुमार देवांगन और मत्स्यपालन विशेषज्ञ अस्मिता मत्स्यपालक, उपाध्यक्ष नोमेश्वरी देवी मठ।
