कांकेर – राज्य सरकार द्वारा कृषि निवेश एवं कास्ट लागत राहत देने के लिए ”कृषक विकास योजना” शुरू की गई है। व्यावसायिक विविधीकरण को प्रोत्साहन प्रस्ताव, दलहन तिलहन बीजाणु के क्षेत्र का विस्तार और इन उत्पादों में आत्म के लक्ष्य के साथ योजनान्तर्गत जापान जाने अन्य उद्यमों पर निगमन सहायता राशि दिया गया निर्णय लिया गया है। राज्य में कृषि के अधिकांश क्षेत्र में वर्षा आधारित होने से मौसम संबंधी प्रतिकूलता और कृषि उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण आय में अनिश्चितता बनी हुई है, कृषि उत्पादन में सुधार के लिए उन्नत, उन्नत, वैश्वीकरण, यांत्रिकता और नवीन कृषि प्रौद्योगिकी में वैज्ञानिक निवेश की आवश्यकता नहीं है।राज्य शासन द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार, पंजीकृत कृषक धान फसल हो तथा प्रदेश की साझी इकाई में समर्थित मूल्य पर धान का मूल्य हो, उन्हें धान के स्थान पर अन्य कृषक पोर्टल में नामांकन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि के बाद, मान्य रकबे पर राशि 11 हजार प्रति व्यक्ति की दर से अनुदान सहायता राशि जारी की जाएगी।इसी प्रकार के रिसॉर्ट्स में दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल (कोदो, कुटकी एवं रागी) लेने वाले किसानों को खरीदे गए किसान पोर्टल पर नामांकन और गिरदावरी रकबे की पुष्टि के बाद 10 हजार से अधिक प्रति किसान की दर से समर्थन सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से जानकारी प्राप्त कर निर्धारित पासपोर्ट में नामांकन समिति में आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
