धमतरी – धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत संरा के आदिवासी ग्राम मसानदबारा में विशेष पिछड़ा जनजाति कमार समुदाय के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि उन्हें सुरक्षित और टिकाऊ आवास मिल सके। यह पहले कमार जनजाति के रहन-सहन और फार्मासिस्ट मांगों पर ध्यान देने जा रही है। यह देश की दूसरी और छत्तीसगढ़ प्रदेश की पहली प्रधानमंत्री जनमन आवास कॉलोनी है, जो कमार समुदाय के लिए सुरक्षित, आवास और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
बसाहट का सामान्य परिचय:- जिला धमतरी के अंतिम सुदूर सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम मसनदबरा, जो ग्राम पंचायत सांकरा के सहायक ग्राम के रूप में ग्राम पंचायत मुख्यालय से 05 किमी. की दूरी स्थित है। मसानदबरा में मुख्यकर कमार परिवार का बसाहट है, जहां 42 परिवार में 173 लोग निवास करते हैं, उदाहरण के तौर पर 36 परिवार के सदस्यों को दर्शाया गया है।
आवास निर्माण एवं प्रगति
डिविजनल अधिकारियों के अनुसार, योजना के तहत जिले में कमार परिवार 1481 आवासों का निर्माण कराया गया है, जिसमें से अब तक 982 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इस योजना के तहत लगभग 66 रिक्त पदों पर भर्ती हुई है। अब तक 1470 हितग्राहियों को 23.90 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। धमतरी जिले में 1800 परिवार का निवास स्थान है।
मॉडल बसाहट का स्वरूप
जिला प्रशासन ने इस कॉलोनी को मॉडल बसाहट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके अंतर्गत-
. सभी आवास एक ही डिज़ाइन में पक्के मकान, आकर्षक टाइल्स और रंग-रोगन के साथ हैं
. प्रत्येक मकान में स्वच्छ शौचालय और प्रिय की सुव्यवस्था
. हर बबी में फलदार रिवाज
. कॉलोनी समूह में संबंधित रोड, सार्वजनिक उद्यान, बच्चों के लिए झूलाघर और हाईमास्ट लाइट शामिल हैं
. स्थानीय बागानों के सम्मान में गार्डन परिसर में देवगुड़ी की स्थापना
वेतनभोगी
कमार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न आपराधिक क्रांति की योजना से जोड़ी गई है। इनसे-
. किराना दुकान और केश-सज्जा (सेलून) संचालन
. बड़े पैमाने पर पालने और फ़्लोरिडा फ़्लोरिडा शेड निर्माण
. लिलांज नदी में स्टॉप डेम अवशेष मछली पालन को बढ़ावा देना शामिल है।
इन उद्देश्यों से न केवल उत्पाद के साधन विकसित होंगे बल्कि समुदाय की आर्थिक स्थिति पर भी विचार होगा।
द्वितीय प्रभाव
प्रधानमंत्री जनमन आवास कॉलोनी से कमर परिवार को सुरक्षित और आवास आवास प्राप्त होगा। साथ ही, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आने वाली शिक्षा को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। यह पहला उपेक्षित समाज को ढाँचा से जोड़ने का एक मजबूत कदम है।
बसाहट के लोग कि सामाजिक एवं आर्थिक स्थितिः यहां के कमार परिवार जंगल कार्य के लकड़ी अवशेष ग्रामों में भालू भालू एवं उनकी प्राप्त राशि से गुजरात बसर होना है। यहां पर कमार परिवार का मुख्य जीवन यापन का साधन वनोपज के अंतर्गत जापानी, टोरा, कोसा, कन्दमूली, दातुन एवं तेंदूपत्ता से प्राप्त आय पर आधारित है। यहाँ पर काम परिवार के बारे में बहुत ही कम लिखा है क्योंकि अन्य ग्रामों से रहन सहना बहुत ही अलग है। वर्तमान में यह कमार परिवार कच्ची खपरैल के टूटी फूटकी हाउस में निवासरत है।
कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि ”प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मसनदबारा में बनाई जा रही कॉलोनी में केवल आवास उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, बल्कि जीवन स्तर में सुधार, आवास सुविधाओं और सामाजिक सम्मान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।” जिला प्रशासन का प्रयास है कि यह एक आदर्श और आत्मनिर्भर मॉडल कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाए, जिससे कमार समुदाय की नई पीढ़ी का सपना साकार हो सके।
इस प्रकार, मसानदबरा की प्रधानमंत्री जन्म आवास कॉलोनी में केवल उपलब्ध आवास की योजना नहीं है बल्कि यह कमर जनजाति के सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।
