महासमुंद – पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की डबल इंजन सरकार किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।खरीफ सीजन की शुरुआत में पहले डीएपी की कृत्रिम किल्लत और अब यूरिया संकट खड़ा कर सरकार ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।वे सांकरा के पास नेशनल हाइवे पर किसानों द्वारा यूरिया संकट को लेकर किए गए चक्काजाम के दौरान मीडिया से चर्चा कर रहे थे। श्री चंद्राकर ने आरोप लगाया कि सरकार रूस-यूक्रेन युद्ध का हवाला देकर खाद की कमी बता रही है, जबकि खुले बाजार में यूरिया बड़ी मात्रा में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। जो यूरिया समितियों में 266 रुपये में मिलना चाहिए, वह बाजार में 1000 रुपये प्रति बोरी तक बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार और प्रशासन की मिलीभगत से हो रही कालाबाजारी है, ताकि कमीशनखोरी का फायदा लिया जा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल के पूरे पांच साल किसानों को खाद संकट का सामना नहीं करना पड़ा, जबकि भाजपा के केवल 20 माह में ही किसान यूरिया और डीएपी जैसी जरूरी खाद के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। किसान महंगाई में किसी तरह बोनी और रोपाई कर पाए, लेकिन पहले डीएपी और अब यूरिया ने उनकी कमर तोड़ दी है।चंद्राकर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सुनियोजित ढंग से किसानों को हताश करने, खेती छोड़ने और जमीन बेचने के लिए मजबूर कर रही है, ताकि वे मजदूरी करने पर विवश हो जाएं। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरी तरह कॉर्पोरेटघरानों के इशारों पर काम कर रही है और किसानों-आदिवासियों के हक को बड़े उद्योगपतियों को सौंप रही है।
