गलत के विरूद्ध आवाज उठाने पर नपं अध्यक्ष पर की गई दमनात्मक कार्रवाई : विनोद चंद्राकर।

तुमगाँव में अवैध गतिविधियों को शासन व पुलिस का संरक्षण।

महासमुंद – नगर पंचायत तुमगाँव के निर्वाचित अध्यक्ष बलरामकांत साहू के विरूद्ध पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई की निंदा करते हुए पूर्व संसदीय सचिव छ.ग. शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने इसे भाजपा सरकार की तानाशाहीपूर्ण रवैया बताया है। श्री चंद्राकर ने कहा कि उपरोक्त कार्रवाई से स्पष्ट है, कि भाजपा सरकार में हो रही अवैधानिक गतिविधियों के विरूध्द कोई भी जनप्रतिनिधि या आम नागरिक आवाज उठाता है, तो इसी तरह उसकी आवाज को दबाकर गिरफ्तार कर जेल भेजा जाता है। यह घटना इसका उदाहरण है, इससे स्पष्ट है कि नगर पंचायत तुमगांव क्षेत्र अंतर्गत संचालित अवैध गतिविधियां पुलिस के संरक्षण में चल रहीं हैं। तभी तो विरोध करने वाले के ही आवाज दबाने यह गिरफ्तारी की गई। इस कार्रवाई से भाजपा सरकार का चेहरा सामने आ गया है। पूर्व संसदीय सचिव ने कहा कि नगर पंचायत तुमगांव में लगातार देह व्यापार एवं अवैध शराब बिक्री की शिकायत आम जनता द्वारा किया जा रहा है। जिससे सभ्य नागरिक एवं महिलाओं का घरों से निकलना दुभर हो गया है। पूर्व में. कांग्रेस शासनकाल में तुमगांव में अवैध रूप से देह व्यापार की शिकायत पर कार्यवाही करते हुये अवैधानिक मकानों को कब्जामुक्त कराया गया था। जिससे देह व्यापार में अंकुश लगा था। वर्तमान में यह धंधा जोरों से फल-फूल रहाहै ।नगर पंचायत तुमगांव के प्रथम नागरिक एवं अध्यक्ष बलरामकांत साहू द्वारा जब इसमें अंकुश लगाने एवं देह व्यापार बंद करने पार्षदों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ थाना पहुँचकर ज्ञापन दिये और 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुये कहा गया था कि यदि देह व्यापार तुमगांव में बंद नहीं किया गया, तो थाना तुमगांव का घेराव किया जाएगा। इस पर पुलिस प्रशासन द्वारा अवैध देह व्यापार करने वालों के माध्यम से नगर पंचायत अध्यक्ष के विरूध्द ही एफ.आई.आर. कर दी गई। जबकि होना यह चाहिये था, कि पुलिस अवैध देह व्यापार पर रोक लगाती। लेकिन ऐसा न कर अध्यक्ष के विरूध्द ही प्रथम सूचना पत्र दर्ज कर ली गई।एफआईआर के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा अत्यधिक पुलिस बल के साथ नगर पंचायत तुमगांव के अध्यक्ष बलरामकांत साहू के घर घूसकर बालात उठाकर थाना तुमगांव. ले गये। यहां तक कि थाना तुमगांव में न रखते हुये अध्यक्ष को अन्य थाने में भेज दिया गया। इससे यह प्रमाणित होता है कि शासन व पुलिस प्रशासन के शह पर तुमगाँव में सारे अवैध गतिविधियाँ संचालित की जा रही है। तुमगांव नपं अध्यक्ष के विरूद्ध की गई कार्रवाई मानवाधिकार का खुला उल्लंघन है।