सड़कों के नाम पर पथरीली पगडंडियां,जहां ह।म तोड़ती शासन की तमाम योजनाएं।
पखांजूर – कोयलीबेडा विकासखंड के ग्राम पंचायत इरिकबुट्टा के आश्रित ग्राम भोगनबोडिया और गोटिनबेडा,जो आज भी विकास की बाट जोह रहा है,लगभग पांच सौ आबादी वाला यह गांव उपेक्षित और अलग थलग पड़ा है।जिससे यह के लोग सामाजिक,आर्थिक,शैक्षणिक तमाम स्तरों में पिछड़ा हुआ हैं,तकनिकी और जानकारी के अभाव में पारंपरिक खेती और वनोपज उपार्जन ही जीविका का एकमात्र स्त्रोत है।महज दो वर्ष पूर्व ही शासन की ओर से एक हैंडपंप लगाकर इन्हें नल जल योजना का लाभ पहुंचाया है,वरना दशकों तक ये लोग झरिया का पानी पीते थे।इन गांव तक पहुंचने के लिए आपको कोई सड़क नहीं मिलेगा,बल्कि ऊबड़ खाबड़ पथरीली पगडंडियों और खेत के मेडो का सहारे लेते है।यह के लोगों के लिए बरसात के मौसम में आफत कई गुना बढ़ जाता है,पगडंडी में पानी से कीचड़,मेडो के गीली मिट्टी और खेतो के नालियां में पुल नहीं होने से इन लोगों के जीवन जरा थम सा जाता है,वर्तमान में ग्रामीण आपसी सहयोग से इन नलियों में लकड़ी के खंभे लगाकर आवाजाही करते हैं ।
