राहुल गांधी पर एफआईआर राजनीतिक द्वेष का हिस्साः विनोद।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर को राजनीतिक द्वेष से उठाया गया कदम बताया है। श्री चंद्राकर ने कहा कि विगत लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पूरे देश में अबकी बार 400 पार का नारा देकर संविधान बदलने का ऐलान किया था। नफरत की राजनीति करने वालों की पोल खोलने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को देशभर में पुनस्थापित करने के साथ. साथ भाईचारे की भावना को बढ़ाने श्री गांधी ने कश्मीर से कन्या कुमारी तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकालकर भाजपा के 400 सीटें जीतने की मंसूबों पर पानी फेर दिया था। श्री गांधी के भारत जोड़ो यात्रा का परिणाम यह रहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में 303 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी को देश की जनता ने 240 सीटों पर ही समेट दिया। जिससे भाजपा को जोड़ तोड़ कर केंद्र में सरकार बनाना पड़ा। लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी की लोकप्रियता के चलते ही कांग्रेस की सीटों में वृद्धि तथा भाजपा के सीटों में भारी कमी आई। जिसके बौखलाहट में प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा आए दिन श्री गांधी पर झूठे आरोप लगाए जाते रहे। संसद भवन का मामला भी इसी षड़यंत्र का हिस्सा है। श्री चंद्राकर ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहेब पर किए गए अपमानजनक टिप्पणी से पूरे देश में जनाक्रोश है। जिससे भयभीत पीएम मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर जनता का ध्यान भटकाने के लिए श्री गांधी पर झूठी एफआईआर दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि देश की जनता एवं पूरी कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के साथ मजबूती से खड़ी है। गांधी परिवार द्वारा दिए गए बलिदानों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश की एकता और अखण्डता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। एक ऐसा परिवार, जिसने देश के लिए बहुमूल्य योगदान दिए हैं, उसके किसी सदस्य पर इस तरह के निराधार आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीतिक द्वेष के लिए भाजपा का यह कृत्य अशोभनीय व निंदनीय है। गांधी पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें परेशान करने के बजाय गृहमंत्री अमित शाह को तत्काल संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर तथा देश की जनता से माफी मांगकर इस्तीफा देनी चाहिए।