विषय- शक्ती काली दुर्गा मै कहलाती हूं
कविता —————– विषय- शक्ती काली दुर्गा मै कहलाती हूं ———————————————- शिव के अर्धअंग में समाहित हूँ शक्ति काली दुर्गा मैं कहलाती हूँ हर सवाल का खुद मैं जवाब हूँ मैं सृजन और प्रलय की हुंकार हूँ। सृष्टि के कण-कण में ही बसी हूँ त्रिनेत्रधारी की मैं ही परछाई हूँ अर्धनारेश्वर की बनती तपस्या हूँ हिमालय…
