अब आशिक कहाँ डूबते हैं
अब आशिक कहाँ डूबते हैं अब आशिक कहाँ डूबते हैं प्यार में वो तो कहीं और तैर के पार हो जाते हैं। अब ज़ुल्फ़ों से कौन खेलता है मेरे दोस्त सब ही तो खोये रहते हैं अपने मोबाइल में अब हीर रान्झे जैसी मोहब्बत कौन करता है। सब टाईम ही तो पास करते हैं इश्क़…
