हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है।

फिंगेश्वर:-शासन के निर्देशानुसार स्वच्छता पखवाड़ा के तहत 1 सितंबर से 14 सितंबर तक शालाओं में विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी तारतम्य में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजली में हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा माँ सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पूजा अर्चना के साथ किया गया।तत्पश्चात स्वच्छता पखवाड़ा के तहत स्वच्छता से संबंधित चित्रकला, रंगोली एवं मेंहदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय के साथ साथ सभी प्रतिभागी को शाला की ओर से पुरस्कृत किया गया। वही हिंदी दिवस के अवसर पर संस्था के प्राचार्य पूरन लाल साहू ने कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है.हिंदी हमारी राष्ट्रीय एकता को सशक्त करती है।भारत विविधताओं वाला देश है जिसमें विभिन्न धर्म,जाति एवं सम्प्रदाय के लोग रहते है लेकिन इन सभी लोगों को हिंदी भाषा ने जोड़ कर रखा है।उन्होंने आगे कहा कि हिंदी हमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समझने और उनकी सराहना करने में मदद करता है।हिंदी भारत की सर्वाधिक बोली व समझी जाने वाली भाषा है। हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। दिनेश कुमार साहू व्याख्याता ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और हमे इसका आदर और उसका मूल्य समझना चाहिए। भाषा ही वह ईकाई है जो व्यक्ति को आपस मे जोड़ती है। संतोषी गिलहरे व्याख्याता ने कहा कि देश को एकता के सूत्र में बाँधने वाली हिंदी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि भावों की अभिव्यक्ति है.कार्यक्रम का संचालन हसीना निषाद (ग्यारहवीं) ने किया।इस मौके पर प्राचार्य पूरन लाल साहू,व्याख्याता दिनेश कुमार साहू,विनय कुमार साहू,नरेन्द्र कुमार साहू,रेखा सोनी,गीतांजली नेताम,संतोषी गिलहरे,सत्या मिश्रा,नकुल राम साहू,रुद्रप्रताप साहू,भृत्य आकाश सूर्यवंशी व छात्र छात्राएं उपस्थित थे।