माओवाद के ख़ात्मे के बाद पर्यटन को बढ़ावा मिला
वन मंत्री ने रिसॉर्ट एवं ओपन रेस्तरां का भूमिपूजन किया
कोंडागांव – पुसपाल क्षेत्र जो पिछले वर्षों से माओवाद से प्रभावित होने के कई कारण हैं, यहां उपदेश और तीर रोकी हुई थी, अब केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से और दृढ़ इच्छाशक्ति से माओवाद समाप्त होने के बाद शांति स्थापित हुई है, जिससे पर्यटन विकास की संभावनाएं फिर से साकार हो रही हैं। इस पुसपाल में प्रकृति द्वारा इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को इको-टूरिज्म के माध्यम से विकसित करने के लिए शनिवार को वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने ग्राम परौदा में पर्यावरण एवं वनिकी मद से 01 करोड़ 45 लाख 96 हजार की लागत से रिसॉर्ट का भूमिपूजन किया। इसी तरह पुसपाल में चक्रीय निधि से 01 करोड़ 70 लाख की लागत से नदी तट पर एक ओपन रेस्टोरेंट निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया।वन मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र को इको-टूरिज्म क्षेत्र के रूप में विकसित करने का मूल उद्देश्य कोंडागांव-बस्तर इको-टूरिज्म सर्किट का विकास करना है। वर्तमान में आने वाले पर्यटकों के लिए टूरिज्म टाटामारी में सूर्याेदय का आनंद लिया जाता है, जहां से अब्बराडीह नदी में ए.टी.व्ही रोड, एडवेंचर टाइप्स, रिवर राफ्टिंग, बम्बू राफ्टिंग की आर्टिस्टिक संचालित होती हैं, जहां से पुसपाल वैली में इको-टूरिज्म विकीसित होने का आनंद लिया जाता है। रात्रि विश्राम कर शुल्क। यह स्थल रात्रिकाल में भी ब्रह्मांड के लिए अनोखा होगा। बस्ती की होने की सुविधा से अंतिम छोर आकाश का रात्रि में विषम अनुभव कर पाना संभव है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में ईको-टूरिज्म विकसित होने से यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे जिससे एक वर्ष का आय प्राप्त होगा और यहां की संस्कृति को देश-विदेश में पहचान मिलेगी।
कार्यक्रम में वन मंत्री श्री कश्यप द्वारा इस क्षेत्र के तेंदूपत्ता संग्रहकर्ताओं को संग्रहण कार्ड प्रदान किया गया तथा सभी संग्रहणकों से अपील की गई कि प्रत्येक संग्रहणकर्ता कम से कम 500 तेंदूपत्ता संग्रहक अवश्य तोड़े ताकि संग्रहणकों को शासन की सभी फसल का लाभ प्राप्त हो सके। सभी संग्राहक अच्छी गुणवत्ता का पत्ता तोड़े ताकि अधिक दर में मूल्य होने पर संग्राहकों को बढ़ावा का लाभ मिल सके। अंत में वन मंत्री एवं वनमंडल अधिकारी कोंडागांव वनमंडल द्वारा कार्यक्रम में सभी राजकीय पुरातात्विक स्थलों से वनों को आग से बचाने, वनों की सुरक्षा करने तथा अवैध व्यवस्था को रोकने की अपील की गई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत समिति सदस्य यशोदा यशोदा, स्थानीय जन प्रतिनिधिगण, इस क्षेत्र के सम्मानित ग्रामीण, वनमंडल पदाधिकारी श्री चूड़ामणि सिंह (भा.व.से.), जिला पंचायत अध्यक्ष अविनाश भोई, उपवनमंडल उपाध्यक्ष आशीष कोटरीवार, केजूराम पोयाम सहित पवन कोराम, भेलकुड़िया मंडल, लक्ष्मीनारायण बेलस, भगवान नेता, श्री ठाकुर, ठाकुर राम, रामदेव कश्यप, श्री ठाकुर, ठाकुर टिकेश्वर सेठिया, एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ राघवजी, रूपेश कुमार, जिला सीईओ उत्तम महोबिया, डीके विजय प्रताप सिंह, समस्त परिक्षेत्र अधिकारी एवं वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
