बायपास की पुरानी योजना केंद्र ने ले ली वापस – डॉ. चोपड़ा।

कांग्रेस शासन ने नही कराया भूमि सर्वे ।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – प्रेस को जारी विज्ञप्ति में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा ने कहा कि महासमुंद शहर बाईपास को लेकर पिछले वर्ष 2019 से 2024 तक कांग्रेस शासन एवं उसके जनप्रतिनिधियों द्वारा किसी प्रकार की रुचि न लेने के कारण अब केंद्र सरकार ने बाईपास की अपनी पुरानी योजना को वापस ले लिया एवं नए एलाइमेंट के लिए नदी मोड़ से उड़ीसा सीमा तक संपूर्ण रोड के विकास के लिए नई योजना बनाने का टेंडर जारी किया है। इस टेंडर की स्वीकृति अगले माह होने के पश्चात एनएच. 353 के विकास की नई योजना बनाकर काम किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को बाईपास में  आने वाली भूमि एवं  सर्वे कर देने को अनेकों बार कहा परंतु केंद्र कांग्रेस शासन एवं उसके  जनप्रतिनिधियों ने लोकहित के कामों  के बजाय भ्रष्टाचार में रुचि थी और उन्हें बाईपास और विकास अब याद  आ रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा महासमुंद नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा भी टांय. टांय फिस्स हो गयी। महासमुंद से तुमगांव मार्ग के चौड़ीकरण की राशि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी कांग्रेसी जारी नहीं कर सके और यह सब चुनावी घोषणा ही साबित हुई। महासमुंद में बाईपास की एवं ओवरब्रिज की मांग काफी महत्वपूर्ण थी जिसे भाजपा के केंद्र राज्य शासन ने पूर्ण करने का काम किया। ओवर ब्रिज छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने बनवाया और बाईपास के लिए ने राज्य को सर्वे कर रिपोर्ट देने को पिछले 5 साल से कहा परंतु राज्य शासन कोई ध्यान नहीं दिया और केंद्र सरकार इसका डीपीआर सर्वे का काम प्राइवेट कंपनी को देना पड़ा। स्थानीय कांग्रेस के नेता पिछले अपने 5 साल के शासन में विकास तो करा नही पाए परंतु ओवरब्रिज, मेडिकल कॉलेज, बायपास, कृषि महाविद्यालय, चिरको का महाविद्यालय, सिरपुर के विकास के नाम पर केवल अखबारी राजनीति करते रहे और उसी का परिणाम है कि कांग्रेस को महासमुंद विधानसभा में अब तक की सबसे बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा और लोकसभा में उससे भी ज्यादा बढ़त भाजपा को महासमुंद विधानसभा में मिली।