प्रमोद दुबे
महासमुंद – सांसद रूपकुमारी चौधरी ने छत्तीसगढ़ की कानून. व्यवस्था को लेकर कांग्रेस द्वारा विधानसभा के घेराव के ऐलान को कोरी सियासी ड्रामेबाजी बताते हुए कहा है कि प्रदेश में अपराधों की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार सतत ठोस कदम उठा रही है और मुद्दाविहीन हो चली कांग्रेस इसमें ओछी राजनीति कर रही है। श्रीमती चौधरी ने कहा कि दरअसल कांग्रेस नेताओं को अपने पिछले शासनकाल के आईने में अपने नाकारापन की सच्चाई देखना चाहिए जब पूरा प्रदेश अपराधगढ़
बन गया था और प्रदेश के तत्कालीन गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने अपराधों की रोकथाम के मामले में अपने हाथ खड़े कर दिए थे। भाजपा सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि आज भाजपा सरकार में प्रदेश को एक ऐसा दृढ निश्चयी गृहमंत्री मिला है, जो न केवल अपराधों की रोकथाम के लिए सतत प्रयत्नशील है। भाजपा सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि जिस कांग्रेस के राज में छतीसगढ़ का कवर्धा साम्प्रदायिक दंगे की आग में झुलस गया, जिस कांग्रेस के राज में जबरिया धर्मांतरण के चलते आदिवासियों में वर्ग. संघर्ष के खतरनाक हालात पैदा हो गए थे, जिस कांग्रेस के राज में लव जिहाद के नाम पर बिरनपुर में मस्जिद के अंदर भुनेश्वर साहू की मॉब लिंचिंग कर दर्दनाक
हत्या की गई, जिस कांग्रेस के राज में हिन्दुस्तान जिंदाबाद कहने पर भिलाई में एक सिख युवक की सरेआम हत्या करके उसके शव के साथ तक बदसलूकी की गई जिस कांग्रेस के राज में मासूम बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाओं की अस्मत सरेआम लहूलुहान होती रही।जिस कांग्रेस के राज में रक्षाबंधन के दिन दो बहनों के साथ दरिंदगी हुई और उसके आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने के लिए कांग्रेस के लोग हाथ-पैर मारते देखे गए, जिस कांग्रेस के राज में शिक्षक दिवस के दिन एक आदिवासी शिक्षिका सामूहिक यौन दुष्कर्म की शिकार हुई, जिसमें एक आरोपी कांग्रेस का नेता था,जिस कांग्रेस के राज में महिला दिवस के दिन राजधानी में महिलाओं पर अत्याचार की पराकाष्ठा की गई, वह कांग्रेस आज किस मुँह से कानून-व्यवस्था के नाम पर अनर्गल प्रलाप कर रही है? श्रीमती चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में तो पुलिस इंस्पैक्टर बालिका छात्रावास में घुसकर मारपीट और गाली-गलौज करते थे। कई संगीन अपराधों में कांग्रेस नेता या उनके परिजनों की संलिप्तता को प्रदेश भूला नहीं है। इन अपराधियों को कांग्रेस की तत्कालीन भूपेश सरकार राजनीतिक संरक्षण देती नजर आ रही थी। नारी सुरक्षा और नारी आत्मसम्मान पर प्रहार की तो भूपेश शासन में पूरी-की-पूरी एक परिपाटी बन गई थी।
