*घरों में मनाया जा रहा चैत्र नवरात्रि का महापर्व*

*घरों में मनाया जा रहा चैत्र नवरात्रि का महापर्व*

मुकेश कश्यप@कुरुद:-देश भर में कोरोना महामारी का प्रकोप दिन-ब-दिन भयावह रूप लेता जा रहा है।प्रतिदिन बढ़ते संक्रमण ने लोगो मे दहशत का आलम ला दिया है।इस बीच मंगलवार से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व देश भर में शुरू हुआ।इस बार भी पिछले वर्ष की तरह कोविड 19 के प्रभाव से नवरात्र पर्व अछूता नही रह पाया ।छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बढ़ते कोरोना मामलों के कारण लॉकडाउन लगाया गया है ,जिससे लोग घरों पर ही रहकर माता रानी की पूजा अर्चना कर इस वैश्विक आपदा से राहत देने जनकल्याण की कामना कर रहे है।
साल में दो बार आने वाले नवरात्र पर्व पर चारो ओर भक्तिमय वातावरण रहता है।लोग मंदिरों में मनोकामना ज्योत जलाकर परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना करते है।पर इस बार कोरोना महामारी ने नवरात्रि पर्व को फीका कर दिया है,पर इससे लोगो की आस्था में कमी नही आई है।लोग घर पर ही पूरे परिवार के साथ मिलकर पूजन कक्ष में माता रानी की पूजा-अर्चना व आराधना कर रहे है।
चैत्र नवरात्रि से हिंदू नववर्ष की शुरूआत होती है।हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि के पहले दिन से ही हिन्दू नववर्ष आरंभ हो जाता है।हिन्दू नववर्ष यानी कि नव-संवत्सर 2078 के आरंभ होते ही शुभ कामों की भी शुरूआत हो जाती है। आमजन अपने परिवार के साथ ही घर में ही माता रानी की पूजा अर्चना करते हुए जनकल्याण की कामना कर रहे है,और सभी को सन्देश देते हुए कहा जा रहा कि सभी लोगो को घर से माता रानी की पूजा अर्चना करते हुए मनोकामना के लिये अर्जी लगाना चाहिए।
विदित है कि वर्ष में दो बार चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि आती है। इसमें मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा की जाती है। हालांकि, वर्ष में दो बार गुप्त नवरात्रि भी आती है, लेकिन चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि की मान्यता ज्यादा है। संवत 2078 का आरंभ 13 अप्रैल से हुआ।प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नवरात्रि प्रारंभ होता है। इसी दिन घटस्थापना की जाती है। चैत्र नवरात्रि के समय ही राम नवमी का पावन पर्व भी आता है। चैत्र नवमी के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था, इसलिए इसे राम नवमी कहा जाता है।
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की नौ दिन पूजा-अर्चना की जाती है। मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए भक्त नौ दिन तक व्रत करते हैं। साथ ही नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए उनके नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के हर दिन देवी दुर्गा के एक रूप की पूजा होती है। जिसमे देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि की पूजा अर्चना की जाती है।