बिजली दरों में 20 प्रतिशत वृद्धि कर जनता की जेब काटने की तैयारी में प्रदेश सरकार : विनोद।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – छग राज्य विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा जून 2024 से बिजली दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि करने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेजे गए प्रस्ताव को पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने जनता की जेब पर डाका बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अब जनता की जेब काटने का फैसला बिजली दर बढ़ाकर कर लिया है। भाजपा के महज 5 महीने के राज में प्रदेश जिस तरह कर्ज में डूब रहा है, वित्तीय हालात खराब हैं, इस स्थिति में जनता की जेब ही हर बार काटी जाएगी। साय सरकार की वित्तीय अनुशासनहीनता से प्रदेश पर लगातार कर्ज का जो बोझ बढ़ रहा है। जिसकी भरपाई जनता की जेब में डाका डालकर करने की तैयारी हो रही है। श्री चंद्राकर ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग को बिजली दरों में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव की जनसुनवाई बंद कमरे में करने के बजाए राज्य के सभी जिलों में करनी चाहिए। जिससे आम उपभोक्ता भी जनसुनवाई में शामिल होकर सूझाव दे सकें। प्रदेश में 65 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं हैं, लेकिन जनसुनवाई में 65 उपभोक्ता भी शामिल नहीं हुए। गुपचुप तरीके से जनसुनवाई कर प्रदेश सरकार केइशारे पर राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली दरों में वृद्धि की जा रही है। इस प्रस्ताव से बिजली उपभोक्ताओं पर साढ़े 4 हजार करोड़ रूपए का अतिरिक्त भार बढ़ेगा। बिजली दर में इजाफा कर जनता पर साढ़े 4 हजार करोड़ बोझ डाला गया है, राज्य के बिजली कंपनी के कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की भरपाई अब छत्तीसगढ़ वासियों के जेब से करना राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों का प्रतीक है। श्री चंद्राकर ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में विद्युत दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की आवश्यकता बताई गई है। दर बढ़ाने के पीछे कंपनी को लाइन लॉस के चलते प्रतिवर्ष 3 हजार करोड़ का नुकसान होना बताया गया है। जो न्याय संगत नहीं है। विद्युत वितरण कंपनियों को लाइन लॉस रोकने सख्त कदम उठाने चाहिए। लेकिनए अपनी अकर्मण्यता व निष्क्रियता तथा कुप्रबंधन का ठिकरा आम जनता पर फोड़ा जा रहा है। श्री चंद्राकर ने कहा कि राज्य सरकार को विभाग को निर्देशित किया जाना चाहिए कि लाइन लॉस कम करने की रणनीति बनाएं। ताकि विद्युत दरें बढ़ाने की आवश्यकता ना हो। लेकिन, प्रदेश वासियों की परेशानी व समस्याओं से साय सरकार को कोई सरोकार नहीं है। बिजली दर बढ़ाकर प्रदेश वासियों को लूटना ही इनका प्रमुख योजना है।