*नई रिलीज “तोर बिना सुन्ना लागे ” छत्तीसगढ़ी गीत जीत रही लोगो का दिल*
मुकेश कश्यप@कुरुद:-नगर के मनमोहक उभरते लोक कलाकार श्यामशंकर चन्द्राकर की नई रिलीज छत्तीसगढ़ी कर्णप्रिय गीत “तोर बिना सुन्ना लागे ” लोगो के मन को अभिरंजित करने में सफल हो रही है।
स्थानीय ग्राम बकली के बलेन्द्र साहू के सफल निर्देशन में बने दिल को छू लेने वाले इस गीत में नायिका के विरह दर्द को भावुकता के साथ प्रस्तुत किया गया है,जो दर्शकों के दिलो में बसने में कामयाब रही है ।नई उभरती गायिका आयुषी जी की मधुर एवं सुरीली आवाज में रची बसी इस गीत में नायिका को अपने प्रेमी के प्रति विरह दर्द को दिखाया गया है।इस गाने में कलाकार श्यामशंकर चन्द्राकर के साथ उभरती नायिका पिंकी साहू ने अपने बेहतरीन अभिनय से सबको मनमोहित कर दिया है।
इस मनमोहक गीत में छायांकन चन्दन निषादराज,सम्पादन चुम्मन निषाद ,मेकअप नीतू कुमारी ,प्रोडक्शन चिन्मय साहू का रहा है,साथ ही विशेष सहयोग सूरज कुमार दुबे व जितेंद्र कुमार साहू का है।बलेन्द्र साहू ने इसमे गीत और संगीत पर भी हाथ आजमाया है।
इस गीत की रिकॉर्डिंग नगर के फेमस आडियो रिकॉर्डिंग स्टूडियो गुरुदेव डीजे में संचालक किशोर साहू के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।जिसमे म्यूजिक अरेंजर राधे साहू , तबला लक्ष्मण साहू ,नाल रेखराज साहू ,ऑक्टोपैड पूनम साहू , कीबोर्ड राधे साहू ,बांसुरी व शहनाई भोला यादव का रहा है।पूरी टीम ने बहुत कम समय मे इस शानदार गीत को तैयार किया है।
गीत के नायक श्याम शंकर चन्द्राकर ने जानकारी देते हुए बताया कि हर बार की तरह इस बार भी हमारी टीम ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों को बेहतरीन तरीके से नयापन देकर प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया है,जिसका परिणाम आपके सामने है।
विदित है कि श्याम जी पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से नगर के उभरते लोक कलाकार बन कर सामने आए है।उन्होंने काफी कम समय मे युवा दिलो में अपने बेहतरीन अभिनय से सबको अपना मुरीद बना लिया है।उनका मानना है कि आगे भी उनका यह प्रयास जारी रहेगा।
