होली के पहले दिखा छोटे बच्चो द्वारा रहस डंडा नाच।

भूपेन्द्र सिन्हा छुरा 

छुरा – छत्तीसगढ़ में सभी पर्वो का एक अपना विशेष महत्व है। जिसमे पर्व के पहले से ही विभिन्न गतिविधियों के साथ लोग पर्वो का भरपूर आनंद लेते हैं, जैसे की दिवाली के पहले से यहां राउत नाचा चालू हो जाता है, और विभिन्न साज सज्जा के साथ के हमारे राउत समाज के द्वारा राउत नाचा किया जाता है जो पर्वो को खास बनाते हैं, उसी प्रकार प्रमुख पर्व में होली भी है जिसमे पहले से रहस नाचा कर लोगो को इस पर्व का आनंद और दुगुना कर देता है, होली के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है, लेकिन अब देखने को यह मिल रहा है की धीरे – धीरे अपनी संस्कृति और सभ्यता को लोग भूलते जा रहे हैं।

 

पहले होली त्योहार के पूर्व ही अपनी संस्कृति रहस नाच को हर गांव में देखने को मिल जाता था, लेकिन धीरे – धीरे यह परंपरा विलुप्त होती दिख रही है, अब बहुत ही कम रहस नाचा देखने को मिलता है, लेकीन अभी होली पर्व के कुछ दिन पहले ही छुरा अंतर्गत ग्राम पिपराही के नन्हे- नन्हे बच्चों द्वारा बहुत ही मनमोहक रहस नाच पूरे छुरा नगर में प्रस्तुत किया गया, बहुत ही सुन्दर साज सज्जा के साथ मांदर की ताल पर रहस नाच में डंडा लेकर नाचते हुए नजर आए, जिसे देखकर कर ऐसा लगता है की आज भी अपनी संस्कृति पर्वो के साथ बनी हुई है।