पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ।

मुड़ागांव(कोरासी) :- विगत दिनों बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती मिचांग नाम का तूफान के सक्रिय होते ही इसका असर छत्तीसगढ़ में भी देखने और झेलने को मिल रहा है।अंचल की बात करें तो पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है रूक रूक कर हल्की बारिश हो रही है हल्का फुहार भी रुक रुक कर हो रहा है जिसके कारण ग्रामीण अंचल में कीचड़ देखने को मिल रहा है। दिन भर ठण्ड लग रहे हैं ठण्ड से बचने के लिए लोग आग का सहारा लेना पड़ रहा है लोग घरों पर आग साल श्वेटर आदि गर्म कपड़े का सहारा लेकर बैठे हुए हैं।  ऊपर से हवा चलने के कारण वातावरण का तापमान काफी गिर चुका है जिसका सीधा सीधा असर किसान एवं किसान के साल भर की कमाई धान पर पड़ रहा है ।धान की कटाई अंतिम सीमा में है मिंजाई करने के लिए मौसम के खुलने का इंतजार किया जा रहा है।लोग।अपने खेतों में धान की फसल को सुरक्षित करने के जुगत में लगे हुए है।
 तिरपाल एवं पोलिथिन से ढंकते हुए किसानों के चेहरे पर चिता की लकीरें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।किसानों को चिंता है कि यदि मौसम अपना उग्र रूप यदि दिखा दे तो पूरे साल भर की कमाई जाता रहेगा,फसल की क्वालिटी खराब होने भीगने का डर सता रहा है।इधर धान खरीदी केंद्र‌ खड़मा,पीपरछेड़ी,लोहझर,रानीपरतेवा,पक्तिया,और साजापाली में खरीदी का कार्य प्रभावित हुआ है।खरीदी किए गए धान को बारिस के मार से बचाए जाने के लिए तिरपाल से ढके जाने की पूर्ण व्यवस्था है। वही खरीदी केंद्र‌ साजापाली  से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दिनांक तक कुल5809.20क्विंटल धान की खरीदी किया जा चुका है जिसमे से4180.00क्विंटल धान का परिवहन किया जा चुका है और1629.20क्विंटल धान मंडी में शेष है जिसका सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है।