गरियाबंद:-चुनाव में प्रशासनिक अमला व्यस्त था,जिसका धान तस्करो ने खुलकर फायदा उठाया। देवभोग,उरमाल, गोहरापदर,इलाके में ओडिसा से धान की भारी मात्रा में अवैध परिवहन शुरू हो गया था। सोमवार पहट 4 बजे से एसडीएम अर्पिता पाठक ने नवरंगपुर जिला से लगे ओडिसा सीमा को जोड़ने वाले बरही रास्ता निरीक्षण पर निकली थी। रास्ते में धान के अवैध परिवहन की आशंका के आधार पर तीन पिकअप वाहन को जप्त किया। एस डी एम पाठक ने बताया कि पिकअप क्रमांक सीजी 04 एनपी 2711 में 50 बैग धान वाहन चालक तुलसी बीसी से, सीजी 03 के 9673 वाहन चालक जितेंद्र नागेश से 60 बैग धान, ओडी 08 टी 1909 के चालक छ्बीलाल से 50 बैग धान समेत वाहन को जप्त किया गया है, तीनों वाहन में धान के परिवहन के दरम्यान टोकन जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं मिले। एस डी एम ने धान जप्त कर पटवारी को जांच के निर्देश दिए हैं।

*525 बोरा धान घर और खलिहान में डंप था,कोई सामने नही आया*:- अवैध परिवहन करने वाले वाहन के अलावा अफसर ने खलीहान में डंप धान को भी जप्त किया है। एस डी एम ने बताया कि दीवानमुड़ा में जब एक घर में 275 बोरा डंप धान के बारे पूछा गया तो पास मौजूद महिला किस खेत या किसान का है नहीं बता पाई,इसी तरह बरही के टोंगसीपारा में एक वीरान घर में 250 बैग धान मिला। इस संबंध में भी कोई दावेदार नहीं आए। एस डी एम पाठक ने कहा की देवभोग तहसील के नदी पार के सभी 5 खरीदी केंद्र के अलावा तहसील के कूल 8 खरीदी केंद्रों में सुखा प्रभावित इस इलाके में किसानो ने समर्थन मूल्य में धान नहीं बेचने का लिखित ज्ञापन दिया था,जिसमे फसल प्रभावित होना बताया था,जिसकी आरंभिक जांच में उत्पादन प्रभावित होना पाया गया है ,फसल प्रयोग रिपोर्ट लगातार तैयार किया जा रहा है।

ऐसे प्रभावित इलाके में भारी मात्रा में धान का भंडारण कई संदेह को जन्म देता है। भंडारण किए गए धान के जांच व भौतिक सत्यापन के निर्देश पटवारियों को दिया गया है। जांच के बाद आवश्यक कार्यवाही होगी।फिलहाल जप्त कर मकान मालिकों के सुपुर्द किया गया है।

छोटे व्यापारी प्रशासन के शिकंजे में,बड़े व्यापारी अब भी प्रशासन के पहुंच से बाहर*:- चुनाव समाप्ति के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में दिखने लगा हैं। लगातार समाचार प्रकाशन के बाद सोमवार को देवभोग एसडीएम ने बरेही क्षेत्र में अवैध धान को जप्त कर छोटे व्यापारियों में हलचल तो मचा दिया हैं। लेकिन लगातार खुलेआम चेक पोस्ट के रास्ते से ओडिसा का धान तस्करी करने वाले बड़े व्यापारी अब भी प्रशासन के पहुंच से बाहर हैं,जो प्रशासन के नाक के नीचे खुलेआम ओडिशा से धान लाकर गांव-गांव में दिन दहाड़े सप्लाई कर रहें हैं। क्षेत्र पर बने नाके से धान पार करने वाले बड़े व्यापारीयों पर क्या प्रशासन शिकंजा कसने में सफलता हासिल करेगी या यू ही मूक दर्शक बनकर बड़े व्यापारीयों पर आशीर्वाद बरसाते रहेंगे।
