महीनों से नदारत फ़ार्मासिस्ट , स्वीपर के भरोसे आयुर्वेदिक औसधालय , ऊपरी तगड़ी सेटिंग के चलते निकल रहे लगातार वेतन ।

गरियाबंद :- ज़िला के अंतिम छोर देवभोग मुख्यालय के ग्राम खोकसरा में शासन ने तो आयुर्वेदिक औसधालय तो खोल दिये और फ़ार्मासिस्ट भी नियुक्त कर दिया लेकिन पदस्थ कर्मचारी ने अपनी ऊपरी तगड़ी सेटिंग के चलते मुख्यालय से महीनों नदारद तो है सेटिंग इतना ज़बरदस्त है कि मुख्यालय बिना गये भई फ़ार्मासिस्ट का वेतन लगातार जारी हो रहे है इसकी जानकारी से ज़िला के बड़े अधिकारी अनभिज्ञ भी है ऐसा नहीं है ज़िले के बड़े अधिकारी सब जानने के बाद भी कार्यवाही करने के बजाय अनदेखा कर रहे है ज़िले के जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंख में काला पट्टी बांध कर और कान बंद कर ऐसा रखे है की इसकी जानकारी बड़े अधिकारी को नहीं है संबंधित अधिकारी कार्यवाही की जहमत नहीं उठा रहें हैं जिसका खमियाजा ग्रामीण गांव के भोले भाले लोगो को उठाना पड़ रहा है क्योंकि ना आयुर्वेदिक चिकित्सा संबंधी जानकारी मिल रही है और किसी प्रकार इलाज मतलब इस आयुर्वेदिक केंद्र होना नहीं होने के समान है सबसे खास बात तो यह है कि महीनो से गैरमौजुद होने के बाद भी घर बैठे पुरा पुरा वेतन संबंधित फ़ार्मा सिस्ट मिल रहा है , शायद यही वजह है कि विभागीय अधिकारी और नदारत कर्मचारी के बीच तगड़ी सेटिंग होने का आरोप लगाया जा रहा है , यहां बता दे खोकसरा की आयुर्वेदिक औषधालय में फ़ार्मासिस्ट जयंत कुमार दीवान के वर्षों से पदस्थ तो हैं लेकिन आज तक फ़ार्मासिस्ट को नियमित रूप से औषधालय में लगातार नही देखा गया जबकि जयंत दीवान की नदारत होने से लगभग सभी अधिकारी भली भांति अवगत है फिर भी कार्यवाही नही करना गैरमौजूद रहने वाले कर्मचारी का मनोबल बढ़ाने के समान माना जा रहा है।

स्वीपर के भरोसे आयुर्वेदिक औषधालय :- बिडंबना तो यह है की आयुर्वेदिक औषधालय का पुरा दामोधर स्वीपर भरोसे छोड़ा गया है औषधालय का दरवाजा खोलने से लेकर रायसुमारी का कार्य भी स्वीपर द्वारा करते देखा जाता है जबकि गरियाबंद ज़िला के अंतिम छोर देवभोग ब्लॉक में एक मात्र आयुर्वेदिक औषधालय है और औषधालय की तमाम समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारी से चर्चा करने की स्तिथि में अधिकारीयों द्वारा कर्मचारी कमी अपना पल्ला झाड़ते लेते हैं और फ़ोन काट देते है

मंत्री कलेक्टर से शिकायत की तैयारी :- नाराज ग्रामीणों का कहना है की अब सब्र का बांध पूरी तरह टूट चुका है क्योंकि औषधालय का लाभ मिलना लगभग मुश्किल दिख रहा है इसलिए नदारद फार्मासिस्ट की शिकायत प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत और विभागीय मंत्री से कर कार्यवाही की मांग किया जायेगा ताकि आगमी दिनों में आम लोगो औषधालय का पूरा लाभ मिल सके गांव वरिष्ठ लोगो का यह भी कहना है की ग्राम में औषधालय होने के बावजूद भी औषधालय से संबधित जानकारी के लिए ओडिसा पर निर्भर होना पड़ता है , इससे दुर्भाग्य और क्या हो सकता हैं जबकि औषधालय की जरूरत काफी ज्यादा महसूस होती हैं फिर भी ऐसे लाफरवही बरतना समझ से परे है!

कही सफ़ेद लिफ़ाफ़ा का खेल तो नहीं : गरियाबंद ज़िला मुख्यालय से ब्लॉक मुख्यालय तक आये दिन विभागो और चौक चौराहे में सफ़ेद लिफ़ाफ़ा का खेल का माजरा सुनने को तो मिलते ही रहता है और कही कही तो देखने को भी मिल जाता है सफ़ेद लिफ़ाफ़ा ने तो पूरा ज़िला में कारप्सन फैला के रख दिया गई नहीं होने वाला भी काम सफ़ेद लिफ़ाफ़ा के चलते तुरंत हो जा रहा है ।